फूड डिप्लोमेसी से अकबर ने जोड़ा तो औरंगजेब ने लोगों को दूर किया, शाहजहां दिखाता था इससे ताकत
मुगल बादशाहों के लिए खाना सिर्फ़ स्वाद या शौक नहीं था, बल्कि सत्ता, संस्कृति और कूटनीति का भी अहम हिस्सा था. फूड डिप्लोमेसी करना एक तरह से उन्होंने ही इस देश को सिखाया. मुगल दरबार में दी जाने वाली दावतें ये भी बताती थीं कि मुगल बादशाहों के कौन कितना करीब है. अब उनकी राजनीति…