37 साल पहले भारतीय कप्तान की फाड़ दी गई थी शर्ट, बीच मैदान हुई जमकर हाथापाई, क्रिकेट हो गया था शर्मशार

Share to your loved once


नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले हमेशा सिर्फ खेल नहीं होते, बल्कि जुनून, जज्बात और कभी-कभी विवाद का खतरनाक मिश्रण भी बन जाते हैं. साल 1989 का दौरा भी कुछ ऐसा ही था, जब एक तरफ दुनिया सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक डेब्यू की गवाह बन रही थी, वहीं दूसरी ओर कराची टेस्ट में ऐसा बवाल हुआ जिसने क्रिकेट की मर्यादाओं को झकझोर कर रख दिया. भारतीय कप्तान के श्रीकांत और एक उग्र दर्शक के बीच हुई हाथापाई आज भी भारत-पाक क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित और तनावपूर्ण पलों में गिनी जाती है.

15 नवंबर को शुरु हुए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में जो हुआ वो कोई बड़ी दुर्घटना की शक्ल अख्तियार कर सकता था क्योंकि मैदान के बीच में  जाकर भारतीय कप्तान को टॉर्गेट करके  इस तरह हाथापाई करना इससे पहले कभी देखने को नहीं मिला था इसीलिए आज भी ये घटना सचिन के डेब्यू सीरीज से ज्यादा याद की जाती है.

मैदान में घुसा दर्शक और शुरू हुआ बवाल

कराची टेस्ट के दौरान माहौल पहले से ही गर्म था. दोनों देशों के बीच राजनीतिक और क्रिकेटीय प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर थी. तभी अचानक सुरक्षा घेरा तोड़कर एक दर्शक मैदान में घुस आया. वह भारत-विरोधी नारे लगा रहा था और सीधे श्रीकांत की ओर बढ़ा. स्थिति तब और बिगड़ गई जब उस दर्शक ने श्रीकांत की शर्ट खींचकर फाड़ दी. इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया. श्रीकांत ने भी जवाब देने में देर नहीं लगाई और दोनों के बीच मैदान पर ही हाथापाई शुरू हो गई. यह दृश्य किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का नहीं, बल्कि किसी सड़क झगड़े जैसा लग रहा था. हालात इतने खराब हो गए थे कि श्रीकांत के शर्ट की पूरी बटन टूट चुकी थी.

किरण मोरे का हस्तक्षेप और बढ़ता तनाव.

स्थिति को काबू में करने के लिए विकेटकीपर किरण मोरे तुरंत बीच में आए. उन्होंने श्रीकांत को अलग करने की कोशिश की और सुरक्षा कर्मियों को बुलाया. काफी मशक्कत के बाद उस दर्शक को मैदान से बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक मामला काफी बिगड़ चुका था. श्रीकांत को शर्ट बदलने के लिए  ड्रेसिंग रूम वापस जाना पड़ा, और मैच कुछ देर के लिए बाधित हो गया. दर्शकों के बीच भी हलचल मच गई थी और स्टेडियम का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया.

तेंदुलकर का डेब्यू और विवाद की छाया

यह वही सीरीज थी जिसमें 16 साल के सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था. एक तरफ एक महान करियर की शुरुआत हो रही थी, तो दूसरी तरफ ऐसे विवाद उस ऐतिहासिक पल पर छाया डाल रहे थे.हालांकि तेंदुलकर ने अपने प्रदर्शन से बाद में सबका ध्यान खींच लिया, लेकिन कराची की यह घटना उस दौरे की सबसे चर्चित और विवादित कहानी बन गई.

भारत-पाक प्रतिद्वंद्विता का कड़वा सच

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले हमेशा हाई वोल्टेज होते हैं. लेकिन कराची टेस्ट की यह घटना दिखाती है कि जब भावनाएं हद से ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो खेल की गरिमा भी खतरे में पड़ सकती है. यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं था, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल था. इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षा को लेकर नियम और कड़े किए गए.

कराची 1989 की यह घटना आज भी क्रिकेट फैंस के लिए एक चेतावनी की तरह है. खेल को खेल की भावना से ही खेला जाना चाहिए, वरना ऐसे पल इतिहास में दाग बनकर रह जाते हैं. श्रीकांत और उस दर्शक के बीच हुई हाथापाई ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ बल्ले और गेंद का खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का भी मैदान है जहां कभी-कभी नियंत्रण खोना भारी पड़ जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP