हम अभी नहीं देखेंगे… हाईकोर्ट ने किया मना, राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता केस की सुनवाई

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राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से आए अधिकारियों की ओर से पेश रिकॉर्ड को कोर्ट ने फिलहाल मना कर दिया. अब मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी.

अभी नहीं देखेंगे.. HC ने किया मना, राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता केस की सुनवाईZoom

राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को लेकर हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई.

लखनऊः राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता मामले की इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई की. हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए रिकार्ड की जांच करने से फिलहाल परहेज किया है. मामले की सुनवाई कोर्ट के बजाय जज के चेंबर में हुई. क्योंकि केंद्र सरकार ने इसको संवेदनशील मुद्दा बताया था. इससे पहले हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता संबंधी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है.

कोर्ट ने रिकॉर्ड को देखने से किया इंकार
बाद में हाईकोर्ट ने खुद गृह मंत्रालय से संबंधित सभी रिकार्ड तलब किए थे. हालांकि मंगलवार को बेंच ने इन रिकॉर्ड को देखने से फिलहाल इंकार कर दिया. मंगलवार को हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध आदेश के मुताबिक केंद्र सरकार के अधिकारी रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में मौजूद थे. लेकिन कोर्ट इस स्तर पर राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने का प्रस्ताव नहीं करती है और न ही रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया है. ये आदेश भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया.

15 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
याचिका में 28 जनवरी 2026 के लखनऊ स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. इस आदेश में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज किया गया था. निचली अदालत ने कहा था कि नागरिकता का मुद्दा तय करने का अधिकार उसके पास नहीं है. याची ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है. मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में 15 अप्रैल को होगी.

एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और विस्तृत जांच के निर्देश देने की मांग की है. याचिका में 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष सांसद/विधायक अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें अदालत ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग खारिज कर दी थी कि नागरिकता का मुद्दा उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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