Satbahini Devi Temple If you want employment visit Satbahini Devi | रोजगार मिलने में आ रही है परेशानी तो माता के इस मंदिर का करें दर्शन, सात रूपों मे

Share to your loved once


होमताजा खबरधर्म

रोजगार मिलने में आ रही है परेशानी तो माता के इस मंदिर का करें दर्शन, देखें लाभ

Last Updated:

Satbahini Devi Temple: मां दुर्गा के आपने कई मंदिरों और शक्तिपीठों के दर्शन किए होंगे लेकिन आज हम आपको विश्व का एकमात्र ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां माता सात मुख के साथ विराजमान हैं. मान्यता है कि जो भक्त यहां दर्शन करने आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आइए जानते हैं माता के इस मंदिर के बारे में…

रोजगार मिलने में आ रही है परेशानी तो माता के इस मंदिर का करें दर्शन, देखें लाभZoom

Satbahini Devi Temple: रोजगार और रोग मुक्ति के लिए लोग बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोगों को नौकरी लगने में बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा अद्भुत मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से नौकरी लगने में आ रही परेशानियों का अंत होता है और रोगी का शरीर भी रोगमुक्त होता है. हम बात कर रहे हैं सतबहिनी देवी मंदिर की, जहां मां अनोखे रूप में विराजमान हैं. यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां माता सात मुख के साथ विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देती हैं और उनकी हर मनोकामना को पूरी करती हैं. आइए जानते हैं माता के इस मंदिर के बारे में खास बातें…

एक ही माता के सात स्वरूप
बंधवापारा में रानी सागर के किनारे मां के अद्भुत रूपों में शामिल मंदिर सतबहिनी देवी मंदिर स्थित है. यह मंदिर इसलिए खास है क्योंकि मां के एक ही रूप में सात अवतार निहित हैं. भक्तों को यहां प्रतिमां में मां के सात सिर दिखने को मिलते हैं, जैसे बिल्कुल ब्रह्मा जी या 12 मुखी हनुमान जी के होते हैं. मां की अद्भुत प्रतिमा के आठ हाथ हैं, जिसमें अस्त्र और शस्त्र मौजूद हैं. यह विश्व का पहला मंदिर है, जहां मां के सात मुखी अवतार के दर्शन भक्तों के एक ही बार में हो जाते हैं.

माता की प्रतिमा का चमत्कार
प्राचीन और जागृत सिद्धपीठ मंदिरों में शामिल सतबहिनी देवी मंदिर आदिवासियों के लिए आस्था का केंद्र हैं. कहा जाता है कि पहले सात महुआ के पेड़ों की पूजा की जाती थी लेकिन फिर गांव के मुखिया को मां ने सपने में दर्शन देकर प्रतिमा को जमीन से निकालने का आदेश दिया था. हालांकि मुखिया को मां की प्रतिमा नहीं मिली. जिसके कुछ दिन बाद खुद-ब-खुद प्रतिमा जमीन के ऊपर आ गई.

मां हर इच्छा को करती हैं पूरा
स्थानीय लोगों ने इसे मां का चमत्कार माना और मां को अलग स्थान दिया. स्थानीय मान्यता है कि जो लोग बहुत बीमार रहते हैं और इलाज कराने पर भी बीमारी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है, तो सतबहिनी देवी मंदिर में दर्शन करने से लाभ मिलता है. इसके साथ ही नौकरी ना लगने से परेशान लोगों को भी यहां आकर नौकरी मिल जाती है. इन्हीं मान्यताओं के कारण ही मंदिर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है.

मंदिर की रक्षा करते हैं ये दो शेर
मंदिर के बनाव की बात करें तो मंदिर के मुख्य द्वार पर दो शेर स्थापित हैं, जो मंदिर और क्षेत्र की रक्षा करते हैं, और मंदिर के शिखर पर भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं. मंदिर के अंदर कई उपमंदिर बने हैं, जिसमें भगवान शिव, गणेश और हनुमान जी की प्रतिमाएं मौजूद हैं.

About the Author

Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP