कैसे एक दांव से योगी आदित्यनाथ ने सेट किया 2027 का चुनाव? 1.70 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सैलरी वृद्धि क्यों है मास्टरस्ट्रोक?

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UP Shikshamitras News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 1.70 हजार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में 8000 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि का ऐलान किया है. मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर भी लग जाएगी और अप्रैल की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी. जानकर इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं.

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2027 से पहले चला बड़ा दांव

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा दांव चला है जिसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है. योगी सरकार ने प्रदेश के 1.70 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में 8000 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की है. बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल 2026 की सैलरी से मिलेगा. इसके अलावा कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ भी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिलेगा. सियासी जानकार इसे योगी सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं. जानकारों का कहना है कि इस फैसले से सरकार ने एक बड़े वर्ग को साधने की कोशिश की है.

दरअसल, अखिलेश सरकार में शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के रूप में किया गया था. लेकिन 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था. जिसकी वजह से शिक्षामित्र अपने पुराने वेतनमान पर लौट आए थे. इसका विरोध भी शुरू हुआ था, लेकिन 2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया गया. अब 9 साल बाद शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में 8000 रुपए प्रतिमाह की बड़ी वृद्धि की गई है. इस वृद्धि के बाद शिक्षामित्रों को 18000 रुपए प्रतिमाह और अनुदेशकों को 17000 रुपए प्रतिमाह मिलेगा.

8 साल के हिसाब से 8 हजार की वृद्धि

सालों से1.47 लाख शिक्षामित्र और करीब 25000 अनुदेशक मानदेय बढ़ाने को लेकर सड़कों पर भी उतर भी चुके थे, लेकिन जब योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के आखिर साल में है तो मानदेय में 8000 रुपए वृद्धि की गई है. यह वृद्धि पिछले आठ साल के हिसाब से की गई है. यानी हर साल एक हजार रुपए की वृद्धि की गई है. कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह फैसला चुनाव को देखकर लिया गया है. लेकिन यह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहा था.

पिछड़ों और दलितों को फायदा

भले ही कहा जा रहा हो कि चुनाव से पहले सरकार ने नाराज वर्ग को साधने की कोशिश की है, लेकिन यह भी सही है कि 3500 के मानदेय पर नौकरी कर रहे इस वर्ग को योगी सरकार के पहले कार्यकाल में 6500 रुपए की वृद्धि की गई और अब दूसरे कार्यकाल में 8000 रुपए की वृद्धि बड़ी राहत है. इतना ही नहीं इन्हें 5 लाख रुपए तक का कैशलेस मेडिकल सुविधा का भी लाभ मिलेगा. जानकारों के मुताबिक जिन्हें यह लाभ मिलेगा उसमें अधिकार ओबीसी और दलित वर्ग से हैं. ऐसे में सरकार अपने वोट बैंक को भी साधने की कोशिश कर रही है.

About the Author

Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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