थाली में एक साथ क्यों नहीं परोसते 3 रोटियां? ऐसा खाना खाया तो मिलने लगेंगे अशुभ संकेत, जानें 4 कारण

Share to your loved once


Last Updated:

Vastu Tips: सनातन परंपरा में भोजन से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं. उन्हीं में से एक है थाली में एक साथ तीन रोटियां न परोसना की मान्यता. इसे अशुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इसके पीछे खास धार्मिक और सांस्कृतिक कारण छिपे हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानें…

Vastu Tips: आपने बड़े-बुजुर्गों को कहते सुना होगा, खाने की प्लेट में तीन रोटी नहीं रखनी चाहिए, अगर रखो तो तीसरी रोटी को तोड़ दो. क्या कभी आपने सोचा है कि भोजन परोसते समय ये टोका-टाकी क्यों की जाती है? दरअसल, हिंदू परंपरा भोजन परोसने का तरीका भी उतना ही अहम है, जितना उसका स्वाद और शुद्धता. प्रचलित मान्यता है कि एक साथ तीन रोटियां थाली में नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है. इसके पीछे धार्मिक और सांस्कृतिक कारण बताए जाते हैं, जो जीवन में संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने से जुड़े हैं. आइए जानते हैं उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से इस मान्यता की पूरी कहानी…

क्यों नहीं परोसते तीन रोटी?
1. हिंदू परंपरा में भोजन से जुड़ी कुछ खास मान्यताएं मानी जाती हैं. कहा जाता है कि थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसना शुभ नहीं होता. मान्यता के अनुसार, तीन रोटियों वाली थाली मृत आत्मा को समर्पित भोजन का प्रतीक मानी जाती है. जब किसी व्यक्ति का निधन होता है, तो त्रयोदशी से पहले उसके नाम की थाली लगाई जाती है, जिसमें तीन रोटियां रखी जाती हैं. यही कारण है कि जीवित व्यक्ति को इस तरह भोजन परोसने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि अशुभ संकेतों से दूर रहा जा सके.

2. दूसरी मान्यता के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की थाली में शुरुआत में ही तीन रोटियां एक साथ परोसी जाएं और वह उनका सेवन करे, तो उसके मन में नकारात्मकता या दूसरों के प्रति विरोध का भाव बढ़ सकता है. यही कारण है कि भोजन परोसते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है. केवल रोटी ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की अन्य वस्तुओं को भी तीन की संख्या में परोसना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इसे संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा के विपरीत समझा जाता है.

3. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न को माता अन्नपूर्णा का स्वरूप माना गया है और इसे अत्यंत श्रद्धा के साथ ग्रहण किया जाता है. भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक पवित्र आशीर्वाद माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि थाली में एक साथ तीन रोटियां रखने से इस पवित्रता में कमी आती है और इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत भी माना जाता है, इसलिए भोजन परोसते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि सकारात्मकता और सम्मान बना रहे.

4. गांवों और छोटे शहरों में आज भी यह परंपरा पूरी श्रद्धा से निभाई जाती है. घर के बुजुर्ग भोजन परोसते समय बच्चों को समझाते हैं कि थाली में एक साथ तीन रोटियां न लें. इसके पीछे मान्यता है कि इससे परिवार में अनुशासन, एकता और परंपराओं का सम्मान बना रहता है. लोग मानते हैं कि ऐसी छोटी-छोटी आदतें जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और सुख-शांति बनाए रखने में मदद करती हैं.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP