अक्षय कुमार से लेकर विदेशी सैलानियों तक, वाराणसी में इन लस्सी की दुकानों के सब हैं दीवाने
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Best Lassi in Varanasi: धर्म, अध्यात्म और घाटों के शहर वाराणसी की सुबह जितनी सुहानी होती है, यहाँ की दोपहरी उतनी ही जायकेदार. बनारस के मिजाज में रची-बसी ‘लस्सी’ सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि एक परंपरा है. कहीं लस्सी के ऊपर रबड़ी की मोटी परत आपका दिल जीत लेगी, तो कहीं 70 तरह के फ्लेवर आपको हैरान कर देंगे. बॉलीवुड सितारों से लेकर देश के कद्दावर नेताओं तक, हर कोई काशी की इन गलियों में लस्सी का लुत्फ उठाने खिंचा चला आता है. आइए जानते हैं वाराणसी की उन 5 मशहूर दुकानों के बारे में, जिनका स्वाद चखे बिना आपकी काशी यात्रा अधूरी है.
वाराणसी के लंका क्षेत्र में स्थित पहलवान लस्सी की दुकान शहर की पहचान बन चुकी है. यह दुकान करीब 60 साल पुरानी है और इसकी ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां स्मृति ईरानी, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, अक्षय कुमार और मालिनी अवस्थी जैसी हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित कई राष्ट्रीय नेता भी यहां की लस्सी के मुरीद हैं. सुबह से लेकर देर रात तक यहां लस्सी प्रेमियों का तांता लगा रहता है.
रामनगर किले के पास स्थित शिव प्रसाद लस्सी वाले की दुकान करीब 73 साल पुरानी है. यहां की लस्सी की खासियत इसकी सघनता है. यह लस्सी इतनी गाढ़ी होती है कि लोग इसे पीते नहीं, बल्कि चम्मच से खाते हैं. लस्सी के ऊपर पहले मलाई और फिर रबड़ी की एक मोटी परत बिछाई जाती है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देती है. चिलचिलाती गर्मी में इस लस्सी का एक कुल्हड़ ही लोगों को ताजगी और राहत से भर देता है.
बनारस के मोक्ष द्वार कहें जानें वाले मणिकर्णिका घाट जाने वाले मार्ग पर स्थित ब्लू लस्सी की दुकान पूरी दुनिया में मशहूर है. इस छोटी सी दुकान में लस्सी की 70 से ज्यादा वैरायटी तैयार की जाती है. यहां आपको फ्रूट लस्सी, चॉकलेट लस्सी, बनाना लस्सी, एप्पल लस्सी और मिक्स फ्रूट लस्सी जैसे कई अनोखे विकल्प मिलेंगे. इस दुकान पर अक्सर विदेशी पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है. यहां लस्सी की कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये तक जाती है.
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सोनारपुरा क्षेत्र में सड़क किनारे एक चबूतरे पर सजने वाली अम्मा लस्सी पापा लस्सी की दुकान अपनी सादगी के लिए जानी जाती है. दोपहर के बाद यहाँ महफिल सजती है और कद्रदानों का हुजूम उमड़ पड़ता है. यहां लस्सी तीन साइज (छोटा, बड़ा और मीडियम) में उपलब्ध है. यहां लस्सी परोसने का अंदाज निराला है; लस्सी के ऊपर गुलाब जल छिड़ककर जब इसे पेश किया जाता है, तो इसकी खुशबू ही मन मोह लेती है.
पक्के महल इलाके में स्थित सिवान लस्सी का स्वाद सामान्य लस्सी से बिल्कुल जुदा है. गिरधर यादव के पिता राजाराम ने इस खास लस्सी का ईजाद किया था. यहाँ दही की लस्सी के ऊपर ताजे फल, केसर और नारियल का बुरादा डाला जाता है. स्वाद और सेहत का यह लाजवाब मेल लोगों को खूब पसंद आता है. वर्तमान में गिरधर यादव इस पुश्तैनी स्वाद को बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं.