गोरखपुर की सड़कों पर साउथ इंडियन स्वाद का जलवा, यहां के इडली-डोसा के दीवाने बन रहे लोग

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Gorakhpur News: अक्सर ज्यादातर लोग स्ट्रीट फूड के दीवाने होते हैं. गोरखपुर की सड़कों पर ही आपको ऐसा असली स्वाद मिल जाएगा, जो सीधे साउथ इंडिया की याद दिला दे. आइए इस दुकान के बारे में और इसकी खासियत के बारे में जानते हैं.

गोरखपुर: शहर में खाने-पीने के शौकीनों के लिए साउथ इंडियन डिश अब किसी बड़े रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रह गई है. गोरखपुर की सड़कों पर ही आपको ऐसा असली स्वाद मिल जाएगा, जो सीधे साउथ इंडिया की याद दिला दे. खासकर तारामंडल इलाके में सूर्य दिनेश रेड्डी की दुकान और गोलघर में नंदू डोसा अपने अनोखे स्वाद के लिए काफी मशहूर हैं. यहां मिलने वाला इडली, डोसा, सांभर और मेदू वड़ा लोगों को बार-बार आने पर मजबूर कर देता है.

सूर्य दिनेश रेड्डी का कहना है कि साउथ इंडियन डिश का असली स्वाद उसके बैटर (पेस्ट) में छिपा होता है. वह चावल और उड़द दाल को सही अनुपात में भिगोकर बारीक पीसते हैं और उसे अच्छे से फर्मेंट होने देते हैं. यही फर्मेंटेड बैटर डोसा और इडली को हल्का, क्रिस्पी और स्वादिष्ट बनाता है. डोसा बनाते समय तवे पर पतला फैलाना और सही तापमान बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, जिससे डोसा कुरकुरा बनता है.

हल्के मसालों से आता टेस्ट
डोसा की स्टफिंग भी इस स्वाद का अहम हिस्सा है. सूर्य दिनेश रेड्डी बताते हैं कि उबले हुए आलू को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे हल्के मसालों के साथ रोस्ट किया जाता है. इसमें खास बात यह है कि पिसे हुए प्याज का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्टफिंग में अलग तरह की खुशबू और स्वाद आता है. यही वजह है कि उनके यहां का मसाला डोसा लोगों को बेहद पसंद आता है.

बनाने का खास तरीका
अगर आप घर पर भी वैसा ही स्वाद पाना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर साउथ इंडियन डिश को बेहतर बना सकते हैं. सबसे पहले बैटर को कम से कम 8-10 घंटे फर्मेंट होने दें. डोसा बनाते समय तवा ज्यादा ठंडा या ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए. स्टफिंग के लिए आलू को हल्का कुरकुरा होने तक भूनें और उसमें सरसों के दाने, करी पत्ता और हल्दी का तड़का लगाएं.

गोरखपुर में भले ही ये दुकानें सड़क किनारे हों, लेकिन इनके स्वाद में कोई कमी नहीं है. यही वजह है कि स्थानीय लोग ही नहीं, बाहर से आने वाले लोग भी इन जगहों पर साउथ इंडियन खाने का आनंद लेने जरूर पहुंचते हैं. अगर आपने अब तक इनका स्वाद नहीं चखा है, तो एक बार जरूर ट्राई करें और फिर उसी स्वाद को घर पर बनाने की कोशिश भी करें.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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