क्या आपके घर का दरवाज़ा दक्षिण दिशा में है? सावधान! बनते काम बिगड़ सकते हैं, अभी जानें आसान उपाय

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अगर आपके घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में है तो यह काफी चिंताजनक बात है. ऐसी स्थिति में ऐसी स्थिति में आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और वास्तु दोष भी बढ़ता रहेगा. वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए वास्तु के अनुसार कुछ खास उपाय करना चाहिए. तो चलिए इससे जुड़े कुछ उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

अयोध्या: व्यक्ति के जीवन पर वास्तु शास्त्र का गहरा प्रभाव होता है. वास्तु शास्त्र में घर की हर एक दिशा का अलग-अलग महत्व भी बताया गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आपके घर की दिशा में किसी प्रकार कोई दिक्कत है. या फिर घर में रखी वस्तुएं सही दिशा में है. तो घर में हमेशा खुशहाली और सुख समृद्धि बनी रहती है. लेकिन अगर वास्तु के अनुसार आपके घर का मुख्य दरवाजा खिड़की और बालकनी की दिशा गलत है तो इससे घर के सुख समृद्धि पर भी वस्तु का विशेष असर देखने को मिलता है.

ऐसी स्थिति में वास्तु के हिसाब से घर का दरवाजा होना चाहिए. अगर भूल बस आपका दरवाजा दक्षिण दिशा की तरफ है तो ऐसी स्थिति में आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और वास्तु दोष भी बढ़ता रहेगा. वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए वास्तु के अनुसार कुछ खास उपाय करना चाहिए. तो चलिए इससे जुड़े कुछ उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

दरअसल अयोध्या के ज्योतिष पंडित प्रवीण शर्मा बताते  हैं कि व्यक्ति के जीवन पर वास्तु शास्त्र का विशेष प्रभाव होता है. वास्तु के अनुसार अगर व्यक्ति नियम का पालन करता है. तो उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ऐसी स्थिति में अगर आप कोई नया मकान बनवाने जा रहे हैं. तो ऐसी स्थिति में वास्तु के नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. अगर आपके घर में भी मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा की तरफ है. तो ऐसी स्थिति में वास्तु के कुछ नियम का पालन करना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है.

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए. क्योंकि मुख्य द्वार घर का अहम हिस्सा माना जाता है. जहां से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ऐसी स्थिति में इसके प्रभाव से घर में बेहद अशुभ प्रभाव भी पड़ता है. जिससे लगातार घर परिवार में आर्थिक शारीरिक और मानसिक कष्ट बना रहता है. ऐसी स्थिति में अगर किसी कारण बस आपके घर का मुख्य प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा की तरफ है. तो कुछ खास उपाय करना चाहिए.

अगर किसी कारण बस घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की तरफ है तो प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश की एक प्रतिमा लगानी चाहिए. कहा जाता है भगवान गणेश विघ्नहर्ता है जो सभी प्रकार के बाधा को दूर कर देते हैं और जीवन में सुख समृद्धि की वृद्धि भी होती है.

इसके अलावा घर के दरवाजे यानी की मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ स्वास्तिक का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है. घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार जहां एक तरफ होता है.तो दूसरी तरफ यह सुभिता का प्रतिक भी माना जाता है.

अगर घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की तरफ है तो इससे वास्तु दोष का भी खतरा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में घर के मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी महाराज की प्रतिमा लगानी चाहिए. ऐसा करने से वस्त्र दोष और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है और हनुमान जी महाराज की कृपा पूरे परिवार पर रहती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार कभी भी भूल कर भी अगर आप घर का निर्माण कर रहे हैं तो मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में नहीं करना चाहिए. हमेशा उत्तर और पूर्व दिशा में ही मुख्य द्वार होना शुभ माना जाता है. इसके अलावा दक्षिण और पूर्व दिशा में भी मुख्य प्रवेश द्वार बनाए जा सकता है. लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रहे की मुख्य द्वार कभी भी दक्षिण और पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए.

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