स्पेस और साइबर कमांड से मचेगा हाहाकार, 2047 तक ‘वॉर मशीन’ बनेगा भारत, आसमान से बरसेगा ‘ड्रोन तूफान’
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भारत ‘स्पेस कमांड’ और ‘साइबर कमांड’ बना रहा है. यानी अब जंग अंतरिक्ष और इंटरनेट की दुनिया में भी लड़ी जाएगी. दुश्मन का सैटेलाइट हो या उसका डेटा नेटवर्क, भारत हर मोर्चे पर जवाब देने की तैयारी में है. 2030-40 के बीच सबसे बड़ा गेमचेंजर होगा ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ एक ऐसा मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम जो मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों को हवा में ही खत्म कर देगा. इसका मकसद है – भारत के बड़े शहरों, सैन्य ठिकानों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को अभेद्य सुरक्षा देना.

2030 तक भारतीय सेना बदल जाएगी, टेक्नोलॉजी से दुश्मन को तबाह करने की तैयारी. (एआई इमेज)
नई दिल्ली. इंडियन मिलिट्री अब एक बहुत बड़े और खतरनाक बदलाव से गुजर रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047’ जारी किया है. यह भारत को पूरी तरह अभेद्य बनाने का सबसे बड़ा मास्टर प्लान है. इस विजन के तहत मिलिट्री में एक बिल्कुल नई ड्रोन फोर्स बनाई जाएगी. इसके साथ ही स्पेस और साइबर कमांड भी बहुत जल्द तैयार किए जाएंगे. इंडियन आर्मी भविष्य की हर मॉडर्न जंग के लिए खुद को तैयार कर रही है.
डाटा फोर्स और कॉग्निटिव वॉरफेयर फोर्स भी इस बड़े प्लान का एक अहम हिस्सा हैं. ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत देश के एयर डिफेंस को बेहद मजबूत बनाया जाएगा. मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी हथियारों के प्रोडक्शन पर सबसे ज्यादा फोकस है. सेना अब नैनो और माइक्रो ड्रोन से दुश्मन पर सीधा और बहुत सटीक वार करेगी. इस नए और खतरनाक विजन से चीन और पाकिस्तान की नींद पूरी तरह उड गई है.
‘बनेगी ड्रोन फोर्स, हर कोर में होंगे 10 हजार ड्रोन’
आने वाले समय में देश में एक बहुत बड़ी और डेडिकेटेड ड्रोन फोर्स बनेगी. देश के 19 बडे मिलिट्री इंस्टीट्यूट्स में नए ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बन रहे हैं. इनमें देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी सबसे अहम है. चेन्नई और गया की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में भी सेंटर बनेंगे. सोल्जर्स को नैनो, माइक्रो और मीडियम ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग मिलेगी. आर्मी हर कोर में 8 से 10 हजार ड्रोन तैनात करने का प्लान बना रही है. एयर फोर्स के लिए 39 हजार करोड़ रुपए के स्वदेशी स्टील्थ ड्रोन का प्लान पास हुआ है. 10 हजार करोड़ रुपए से 6 नए स्टील्थ फाइटर प्रोटोटाइप बनाए जाएंगे. इसके बाद 60 से ज्यादा स्टील्थ ड्रोन का प्रोडक्शन होगा.
‘स्पेस और साइबर कमांड से मचेगा भारी हाहाकार’
मिलिट्री के इस नए मॉडर्न विजन में डाटा और कॉग्निटिव वॉरफेयर फोर्स भी बनेगी. डाटा फोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और भारी साइबर ताकत का शानदार इस्तेमाल करेगी. कॉग्निटिव फोर्स इनफॉर्मेशन और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर पर काम करेगी. स्पेस कमांड पूरी तरह से सैटेलाइट ऑपरेशन और सर्विलांस का काम संभालेगा. साइबर कमांड दुश्मन के हर खतरनाक साइबर हमले का करारा जवाब देगा. इन सभी बड़े टारगेट्स को जल्द पूरा करने के लिए प्राइवेट सेक्टर से एक्सपर्ट्स लिए जाएंगे. अग्निवीर स्कीम में भी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बदलाव हो सकता है.
‘मिशन सुदर्शन चक्र से बनेगा सबसे अभेद्य सुरक्षा कवच’
साल 2030 से 2040 के बीच भारत का एयर डिफेंस बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगा. ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस को काफी बढ़ाया जाएगा. स्वार्म ड्रोन और मिसाइल के भारी हमलों से बचने के लिए यह बहुत अहम कदम है. इस शानदार विजन में पूरी तरह स्वदेशी हथियारों पर सबसे ज्यादा जोर है.
क्या हैं चुनौतियां
डिफेंस एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कुछ बड़े चैलेंज भी बताए हैं. उनके मुताबिक इस प्लान के लिए मजबूत पॉलिटिकल सपोर्ट बहुत जरूरी है. तीनों सेनाओं को आपस में अपना ऑपरेशनल तालमेल बहुत ज्यादा बढ़ाना होगा. इसके अलावा स्वदेशी डिफेंस प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी को तुरंत प्रभाव से खत्म करना होगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें