India vs Pakistan: पाकिस्तान में 3 साल की उम्र से शुरू होती है पढ़ाई, जानें कैसा है वहां का नर्सरी सिस्टम
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India vs Pakistan School Education: पाकिस्तान में बच्चे किस उम्र में स्कूल शुरू करते हैं? वहां के किंडरगार्टन में क्या पढ़ाया जाता है और फीस कितनी होती है? यहां समझिए भारत और पाकिस्तान की शिक्षा प्रणाली के बीच के बड़े अंतर.

India vs Pakistan Education: भारत और पाकिस्तान के स्कूल शिक्षा सिस्टम में बहुत अंतर है
नई दिल्ली (India vs Pakistan School Education). भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के एजुकेशन सिस्टम में कई समानताएं होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ बड़े अंतर भी हैं. पाकिस्तान में शिक्षा का ढांचा मुख्य रूप से ‘5-3-2-2’ के मॉडल पर आधारित है, जहां प्राथमिक शिक्षा कक्षा 1 से 5 तक होती है. हाल के वर्षों में पाकिस्तान ने ‘सिंगल नेशनल करिकुलम’ (SNC) के जरिए पूरे देश में एक जैसी शिक्षा लागू करने की कोशिश की है, जिससे मदरसों और निजी स्कूलों के बीच की खाई को पाटा जा सके.
भारत और पाकिस्तान के एजुकेशन सिस्टम में क्या अंतर है?
भारत और पाकिस्तान के स्कूल एजुकेशन सिस्टम में कई अंतर हैं. जनरल नॉलेज के लिहाज से पड़ोसी देश की शिक्षा व्यवस्था की जानकारी होनी चाहिए-
बच्चे किस उम्र में स्कूल जाना शुरू करते हैं?
- पाकिस्तान: यहां आधिकारिक तौर पर प्राथमिक विद्यालय (Grade 1) में एडमिशन की उम्र 5 वर्ष है. हालांकि, प्री-स्कूल या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन (ECE) के लिए बच्चे 3 साल की उम्र से स्कूल जाना शुरू कर देते हैं.
- भारत: भारत में नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, कक्षा 1 में एडमिशन के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष अनिवार्य कर दी गई है. इससे पहले बच्चे 3 साल (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) प्री-स्कूल में बिताते हैं.
किंडरगार्टन (KG) में क्या सिखाया जाता है?
पाकिस्तान के किंडरगार्टन (जिसे अक्सर वहां ‘प्रेप’ या ‘नर्सरी’ कहा जाता है) का सिलेबस काफी हद तक भारत जैसा ही है, लेकिन कुछ सांस्कृतिक अंतर हैं:
- भाषा: उर्दू और अंग्रेजी पर शुरू से ही जोर दिया जाता है. बच्चों को बुनियादी अक्षर ज्ञान, तुकबंदी (Rhymes) और बातचीत करना सिखाया जाता है.
- इस्लामियात: प्री-स्कूल स्तर से ही बच्चों को बुनियादी दुआएं, कलमा और इस्लामी शिष्टाचार सिखाए जाते हैं.
- बेसिक स्किल्स: रंग पहचानना, गिनती (1-50), पर्यावरण की समझ और ‘कम्युनिटी हेल्पर्स’ (डॉक्टर, पुलिस, शिक्षक) के बारे में बताया जाता है.
- भारत से तुलना: भारत में प्री-स्कूल में ‘प्ले-वे’ मेथड और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा फोकस होता है, जबकि पाकिस्तान में अभी भी ‘लिटरेसी और न्यूमरेसी’ (लिखना-पढ़ना) पर जल्दी दबाव बनाया जाता है.
भारत और पाकिस्तान की स्कूल फीस में क्या अंतर है?
- पाकिस्तान: सरकारी स्कूलों में शिक्षा और किताबें पूरी तरह मुफ्त हैं. हालांकि, निजी स्कूलों की फीस में भारी अंतर है. सामान्य निजी स्कूलों की मासिक फीस 500 से 3,000 PKR (पाकिस्तानी रुपया) होती है, जबकि कराची या लाहौर के नामी स्कूलों (जैसे बेकनहाउस या सिटी स्कूल) की फीस 15,000 से 40,000 PKR प्रति माह तक जा सकती है.
- भारत: भारत में भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा मुफ्त है. निजी स्कूलों की औसत मासिक फीस 1,000 से 5,000 INR है, जबकि प्रीमियम इंटरनेशनल स्कूलों की फीस काफी अधिक होती है. करेंसी वैल्यू के हिसाब से देखें तो पाकिस्तान में निजी शिक्षा मध्यम वर्ग के लिए काफी महंगी साबित होती है.
भारत और पाकिस्तान का नामांकन दर
एक बड़ा अंतर ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों की संख्या में दिखता है.
- पाकिस्तान: यूनिसेफ के अनुसार, पाकिस्तान में करीब 2.2 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जाते. प्राथमिक स्तर पर नामांकन दर लगभग 68-70% के आस-पास रहती है.
- भारत: भारत ने प्राथमिक स्तर पर लगभग 99% नामांकन (Enrollment) हासिल कर लिया है, जो पाकिस्तान के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति है.
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