मुख्यमंत्री युवा उद्यमी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा चित्रकूट, यूपी में मिला 8वां स्थान, 1232 युवां को मिला ऋण
Last Updated:
चित्रकूट जनपद में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में जिले की बैंकों ने लक्ष्य से ज्यादा युवाओं को ऋण बांट कर प्रदेश में 8 वाँ स्थान प्राप्त किया. जिले में 1200 युवाओं को ऋण वितरण का लक्ष्य योजना के तहत दिया गया था, इसके सापेक्ष जिले में 1232 युवाओं को जनपद की विभिन्न बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है.
चित्रकूटः बुंदेलखंड का चित्रकूट एक ऐसा नाम, जिसे अक्सर विकास की दौड़ में पीछे छूटे इलाके के तौर पर देखा जाता रहा है. यहां के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमेशा से रोजगार की रही है. क्योंकि यहां कोई भी रोजगार के संसाधन उपलब्ध नहीं थे. लेकिन अब यही चित्रकूट धीरे-धीरे अपनी पहचान बदल रहा है,और इसकी वजह बनी है सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, जिसने यहां के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बना दिया है. युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मामले में चित्रकूट को यूपी में 8 वा स्थान भी मिला है.
5 लाख का लोन, ब्याज मुक्त
आप को बता दे कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए योगी सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना चला रही है,जिसके तहत युवाओं को 5 लाख का ब्याज मुक्त लोन देकर उन्हें रोजगार करने के लिए अवसर प्रदान कर रही है जिसके तहत चित्रकूट जनपद में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में जिले की बैंकों ने लक्ष्य से ज्यादा युवाओं को ऋण बांट कर प्रदेश में 8 वाँ स्थान प्राप्त किया। जिले में 1200 युवाओं को ऋण वितरण का लक्ष्य योजना के तहत दिया गया था इसके सापेक्ष जिले में 1232 युवाओं को जनपद की विभिन्न बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है जिससे युवा वर्ग इस योजना का लाभ उठाकर अपना रोजगार स्थापित कर रहे है.
बैंको ने मिलकर पूरा किया लक्ष्य
वही इस संबंध में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) अनुराग शर्मा ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि जिले के सभी बैंकों ने मिलकर लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण किया है. उनका कहना है कि यह उपलब्धि युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है,उन्होंने यह भी कहा कि प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा युवा इस योजना से जुड़ें और अपना खुद का रोजगार स्थापित करें.स्थानीय स्तर पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है.कहीं मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खुल रही है, तो कहीं डेयरी की दुकानें भी खुली है. कई युवा ऑनलाइन बिजनेस और डिजिटल सेवाओं की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं,इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है,बल्कि उनको घर गांव में रहकर ही रोजगार भी मिल रहा है.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें