मिर्जापुर की इस दुकान पर चाय पीने के लिए लगाना पड़ता है नंबर, खास विधि से होता है तैयार
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यूपी के मिर्जापुर जिले में एक ऐसी चाय की दुकान है, जहां चाय पीने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. दफ्तरों से लंच ब्रेक और फील्ड वर्क के लोग चाय की चुस्की का आनंद लेते हैं. दुकानदार विजय गुप्ता ने बताया कि चाय की दुकान पुरानी है. चाय बनाने के लिए शुद्ध दूध का प्रयोग करते हैं. किसान दूध लेकर आते हैं उसे अच्छे से उबालने के बाद चाय बनाया जाता है.
चाय का नाम सुनते ही आपके मन में पीने का ख्याल आ जाता होगा. अगर चाय पंसदीदा जगह की हो तो क्या ही कहना. ऑफिस में काम की किचकिच और फील्ड की टेंशन को दूर करने के लिए चाय पीते हैं. चाय अच्छी हो तो टेंशन दूर और खराब हो तो और मूड खराब होता है. यूपी के मिर्जापुर जिले में एक ऐसी चाय की दुकान है, जहां चाय पीने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. दफ्तरों से लंच ब्रेक और फील्ड वर्क के लोग चाय की चुस्की का आनंद लेते हैं.
शहर के चिनियहवा नारा के पास विजय गुप्ता की दुकान है. विजय की चाय जिलेभर में फेमस है. जिलेभर से लोग यहाँ पर चाय पीने के लिए आते हैं. स्वाद ऐसा है कि एक बार पीने के बाद दोबारा पीने का मन करता है. यहीं वजह है कि प्रतिदिन 500 से 700 कुल्हड़ चाय की बिक्री हो जाती है.
दुकानदार विजय गुप्ता ने बताया कि चाय की दुकान पुरानी है. चाय बनाने के लिए शुद्ध दूध का प्रयोग करते हैं. किसान दूध लेकर आते हैं. अच्छे से उबालने के बाद चाय बनाया जाता है. चाय बनाने में सीक्रेट चायपत्ती और अदरक का प्रयोग होता है. अतिरिक्त सामान नहीं डालते हैं. अच्छे से पकाने के बाद ही देते हैं. स्वाद बेहद ही लाजवाब रहता है.
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विजय ने बताया कि चाय पीने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. कोशिश रहती है कि जो उम्मीदें है उसपर खरा उतरूँ. छोटा 10 और बड़ा 20 रुपये में चाय मिलता है. हालांकि, स्वाद ऐसा रहता है कि पीने के बाद खुद ही तारीफ करेंगे और दोबारा दुकान पर आएंगे. प्रतिदिन 500 से 700 कुल्हड़ चाय की बिक्री होती है.
चाय पीने के लिए पहुंचे सुधीर ने बताया कि अपने सहकर्मी के साथ पहली बार कोविड से पहले चाय पीने आया था. हालांकि, कोविड के बाद से ही प्रतिदिन आ जाते हैं. सुबह भले मिस हो, लेकिन शाम को चाय पिए बगैर घर नहीं जाते हैं. इनके चाय का स्वाद लाजवाब है. पीने के बाद किसी की चाय अच्छी नहीं लगेगी.
विजय चाय की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. यहां पर चाय पीने के लिए नंबर लगाना पड़ता है. 10 से 15 मिनट इंतजार के बाद आपको चाय मिलता है. हालांकि, चाय पीने के बाद आप अंदर से रिफ्रेश हो जाते हैं। एनर्जी बढ़ जाती है और काम में भी मन लगता है. चाय में किसी अतिरिक्त सामान का भी प्रयोग नहीं होता है. शुद्ध देसी तरीके से तैयार किया जाता है.