यूपी के इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को आता है पसीना, मोहम्मद गौरी के आक्रमण से जुड़ा है इतिहास
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Pasina Wale Hanuman Mandir Firozabad: फिरोजाबाद के चंद्रवार में स्थित ‘पसीना वाले हनुमान मंदिर’ का इतिहास 1100 साल पुराना है. मान्यता है कि जब मोहम्मद गौरी ने इस मंदिर पर तोप के गोले दागे, तब बजरंगबली के मुख से अग्नि वर्षा होने लगी और भीषण गर्मी के कारण मूर्ति से पसीना निकलने लगा. राजा चंद्रसेन की नगरी में स्थित यह चमत्कारिक मंदिर आज भी भक्तों की आस्था का केंद्र है. अब पर्यटन विभाग 3 करोड़ के बजट से इसका भव्य कायाकल्प करने जा रहा है.
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की पावन धरती पर एक ऐसा चमत्कारिक मंदिर स्थित है, जिसके रहस्य के आगे आधुनिक विज्ञान भी नतमस्तक है. यमुना के बीहड़ों के बीच राजा चंद्रसेन की नगरी ‘चंद्रवार’ में विराजे ‘पसीना वाले हनुमान’ मंदिर की महिमा निराली है. मान्यता है कि जब मुगल शासक मोहम्मद गौरी ने इस मंदिर को ढहाने के लिए तोप के गोले दागे, तब स्वयं बजरंगबली ने अग्नि वर्षा कर उसकी सेना को खदेड़ दिया था. उस युद्ध की भीषण गर्मी के कारण आज भी मंदिर की प्रतिमा से पसीना निकलता है. आइए जानते हैं 1100 साल पुराने इस मंदिर की अनसुनी कहानी और सरकार द्वारा इसके कायाकल्प की पूरी योजना.
राजा चंद्रसेन और मोहम्मद गौरी के युद्ध का गवाह है यह मंदिर
फिरोजाबाद के चंद्रवार क्षेत्र में स्थित यह हनुमान मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इतिहास का एक जीवंत पन्ना भी है. पिछले 40 वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे पुजारी हृदयानंद सरस्वती जी बताते हैं कि इस स्थान का गौरवशाली इतिहास लगभग 1100 साल पुराना है. उस समय यह क्षेत्र राजा चंद्रसेन की नगरी के रूप में विख्यात था. राजा चंद्रसेन भगवान शिव के अनन्य भक्त थे और महादेव के आशीर्वाद से उन्हें युद्ध में कोई परास्त नहीं कर पाता था.
जब मोहम्मद गौरी ने छल से जीती बाजी
इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि मुगल शासक मोहम्मद गौरी ने चंद्रवार पर आक्रमण किया था. राजा चंद्रसेन की अजेय शक्ति का राज जानने के लिए गौरी ने अपने गुप्तचर भेजे. उसे पता चला कि राजा को शिव मंदिर में सबसे पहले पूजा करने के कारण विजय का वरदान मिलता है. एक सुबह छल से मोहम्मद गौरी खुद शिव मंदिर पहले पहुंच गया और विजय का आशीर्वाद प्राप्त कर लिया. इसके बाद उसने राजा चंद्रसेन पर हमला किया और क्षेत्र के कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया.
बजरंगबली के मुख से बरसे आग के गोले, मूर्ति को आने लगा पसीना
पुजारी जी के अनुसार, जब मोहम्मद गौरी की सेना ने इस हनुमान मंदिर को तोप के गोलों से उड़ाने की कोशिश की, तो एक अद्भुत चमत्कार हुआ. बजरंगबली की मूर्ति के मुख से आग के गोले बरसने लगे, जिससे गौरी की सेना में हाहाकार मच गया. मंदिर को कोई आंच नहीं आई, लेकिन उस भीषण संघर्ष और गर्मी के प्रभाव से हनुमान जी की मूर्ति से पसीना निकलने लगा. तभी से इस मंदिर को ‘पसीना वाले हनुमान मंदिर’ के नाम से जाना जाता है.
3 करोड़ की लागत से होगा भव्य कायाकल्प
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और इस मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने इसके विकास के लिए कमर कस ली है. मंदिर के कायाकल्प के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है. इस राशि से मंदिर के चारों ओर एक भव्य बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा और दूर-दराज से आने वाले भक्तों के ठहरने के लिए आधुनिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा.
दूर-दूर से आते हैं भक्त, शनिवार-मंगलवार को लगता है मेला
यमुना किनारे बीहड़ में स्थित होने के बावजूद यहां भक्तों की अटूट आस्था है. हर शनिवार और मंगलवार को यहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है. फिरोजाबाद ही नहीं, बल्कि आगरा, इटावा और दिल्ली तक से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहाँ पसीना वाले हनुमान जी के दर्शन करता है, उसके सभी कष्ट पल भर में दूर हो जाते हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें