ज्योति की गजब है कहानी, पहले लेखपाल की नौकरी, फिर बच्चे की जिम्मेदारी, तब भी बन गईं PCS अधिकारी

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न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में ज्योति बताती हैं कि लेखपाल के पद पर रहते हुए भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. वो सात से आठ घंटे लेखपाल की नौकरी करने के बाद जब घर लौटती थीं तब भी वो चार से पांच घंटे अपनी पढ़ाई पर फोकस करती थीं. बस से जब जाना होता था तो यात्रा के दौरान भी नोट्स लेकर जाती थीं.

ज्योति की कहानी, लेखपाल की नौकरी, फिर बच्चे की जिम्मेदारी, तब भी बनीं अधिकारीZoom

मेरठ की ज्योति ने किया कमाल.

हमीरपुरः कहते हैं कि अगर कुछ कर गुज़रने का जुनून है तो कामयाबी एक न एक दिन आपके क़दम ज़रुर चूमती है. कुछ ऐसे ही कामयाबी की नई कहानी लिखी मेरठ की रहने वाली ज्योति ने. ज्योति ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 114 वीं रैंक हासिल की है. ज्योति अब कर्मिशयल टैक्स अफसर बनेंगी. ज्योति की कामयाबी का सफर कई मायनों में ख़ास है. ज्योति 2022 में लेखपाल के पद पर चयनित हुईं थीं. 2024 में उनकी शादी हो गई. लेकिन उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प ले रखा था. आखिरकार उनके सपनों ने बुलंदिया हासिल कीं और पीसीएस की परीक्षा पास कर ली.

शादी-नौकरी सबकुछ मैनेज किया
न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में ज्योति बताती हैं कि लेखपाल के पद पर रहते हुए भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. वो सात से आठ घंटे लेखपाल की नौकरी करने के बाद जब घर लौटती थीं तब भी वो चार से पांच घंटे अपनी पढ़ाई पर फोकस करती थीं. बस से जब जाना होता था तो यात्रा के दौरान भी नोट्स लेकर जाती थीं. यही नहीं 2024 में उनकी शादी हुई. शादीशुदा ज़िन्दगी एक नया चैलेंज लेकर आती है. लेकिन उन्होंने फैमिली भी मैनेज की और पढ़ाई भी जारी रखी.

परीक्षा के दौरान प्रेग्नेंट थीं ज्योति
ज्योति बताती हैं कि जब 2024 में वो पीसीएस की परीक्षा दे रही थीं तो वो प्रेगनेंट थीं और उनका सेंटर जहां पड़ा था वो रुम तीसरी मंज़िल पर था. प्रेगनेंट होते हुए भी वो तीसरी मंजि़ल तक जाती थीं और बेहद कठिन परीस्थितियों में इम्तिहान दिया. आज सफलता के बाद वही संघर्ष याद आ रहा है. ज्योति का कहना है कि अभी उन्हें कमर्शियल टैक्स अफसर का पद मिला है. लेकिन उनकी तैयारी अपनी रैंक को सुधारने की है. वो उम्मीद करती हैं  कि आगे और बेहतर होगा.

चार बार थी पीसीएस की परीक्षा
114वीं रैंक पाकर कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनीं ज्योति उन महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं जो परिवार की जिम्मेदारियों के चलते लक्ष्यों से दूर हो जाती हैं. शादी के बाद ज्योति ने तैयारी जारी रखी. जिस वक्त यूपीपीएससी-2024 की परीक्षा थी उस वक्त वह प्रेग्नेंट थी. ज्योति के अनुसार तब ऐसी स्थिति नहीं थी कि मैं सही से चल-फिर सकूं, लेकिन लखनऊ में पेपर देने गई. ज्योति वर्तमान में सरधना में लेखपाल पद पर कार्यरत हैं. ज्योति के अनुसार चार बार वह सफल नहीं हुई.

ज्योति का सपना एसडीएम बनना है
कंकरखेड़ा निवासी ज्योति ने आरजी पीजी कॉलेज से बीएससी और सीसीएसयू कैंपस से एमएससी माइक्रोबॉयोलॉजी एवं एमफिल माइक्रोबॉयोलॉजी उत्तीर्ण किया. ज्योति के अनुसार अमात्य के निदेशक राजेश भारती ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को ना केवल समझने बल्कि उन्हें सही तरीके से लिखना सिखायाय वह यूपीपीएससी 2025 की मुख्य परीक्षा भी दे रही हैं. उनका लक्ष्य एसडीएम बनना है.

About the Author

Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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