90s की वो दो फिल्में, सेम था क्लाइमैक्स, कुमार सानू-उदित नारायण के ब्लॉकबस्टर गाने, दोनों ने रचा इतिहास

Share to your loved once


Last Updated:

Kumar Sanu Udit Narayan Blockbuster Songs : 90 का दशक म्यूजिकल-रोमांटिक फिल्मों के लिए जाना जाता है. आनंद-मिलिंद और नदीम-श्रवण के सुरीला म्यूजिक दिल की धड़कन बन गया था. इस दशक की शुरुआत में ही दो ऐसी फिल्में आईं जिनका क्लाइमैक्स सेम था. दोनों ही फिल्मों का क्लाइमैक्स 1965 की शम्मी कपूर की फिल्म से चुराया गया था. दोनों ही फिल्मों ने बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री को हमेशा हमेशा के लिए बदल दिया. दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रहीं. एक में कुमार सानू तो दूसरी फिल्म में उदित नारायण की आवाज का जादू था. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…..

साल था 1990. जून का महीना था. सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म आई जिसने संगीत प्रेमियों के साथ-साथ जवां दिलों की धड़कनों में बेताबी बढ़ा दी. यह फिल्म आमिर खान-माधुरी दीक्षित की थी. एक माह के अंतराल में ही एक और फिल्म रिलीज हुई जिसे टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार ने महेश भट्ट के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया था. दोनों ही फिल्में ने हिंदी सिनेमा के इतिहास हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया. दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही फिल्मों का क्लाइमैक्स शम्मी कपूर की 1965 की फिल्म ‘जानवर’ से इंस्पायर्ड था. आइये जानते हैं इन दोनों सुपरहिट फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…..

सबसे पहले 22 जून 1990 को रिलीज हुई आमिर खान-माधुरी दीक्षित स्टारर ‘दिल’ फिल्म की बात करते हैं जिसका निर्देशन इंदर कुमार ने किया था. इंदर कुमार बॉलीवुड की लीजेंड एक्ट्रेस अरुणा ईरानी के सगे भाई हैं. वो अपने दोस्त अशोक ठकारिया के साथ फिल्में प्रोड्यूस किया करते थे. ‘दिल’ से पहले उन्होंने ‘कसम’ मूवी बनाई थी जो कि फ्लॉप हो गई थी. ‘दिल’ और ‘बेटा’ फिल्म की स्क्रिप्ट लगभग एक साथ ही फाइनल हुई थी. दोनों फिल्मों की शूटिंग भी साथ-साथ हुई थी. इंदर कुमार ने रातोंरात इन दोनों फिल्मों को डायरेक्ट करने का फैसला लिया था. जब उन्होंने अपनी पत्नी को फिल्म के डायरेक्शन का फैसला बताया था तो उनके हाथ से चाय का कप छूट गया था.

‘दिल’ में आमिर खान-माधुरी दीक्षित लीड रोल में थे. अनुपम खेर, सईद जाफरी अहम भूमिकाओं में थे. दिल मूवी ने कॉलेज गोइंग यूथ के बीच रोमांस का नया तड़का लगाया था. आमिर खान-माधुरी दीक्षित की जोड़ी ने प्यार की परिभाषा ही बदल दी. नफरत से शुरू होकर मोहब्बत में बदलती कहानी पर बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म की कहानी शम्मी कपूर की 1966 की फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ से इंस्पायर्ड थी. इसका खुलासा इंदर कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में किया था. इस फिल्म को घर-घर पहुंचाने का काम आनंद-मिलिंद के गानों ने किया. म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

‘दिल’ फिल्म ने माधुरी दीक्षित के स्टारडम को नई ऊंचाई दी. आमिर खान के लिए यह फिल्म किसी संजीवनी से कम नहीं थी. ‘कयामत से कयामत तक’ के बाद वो 8 फ्लॉप फिल्में दे चुके थे. माधुरी दीक्षित को भी डिस्ट्रीब्यूटर ‘मनहूस’ का टैग दे चुके थे. ‘दिल’ फिल्म की शूटिंग के दौरान माधुरी दीक्षित की ‘तेजाब’ और ‘राम लखन’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थीं. ‘दिल’ 1990 में रिलीज हुई और सुपरहिट साबित हुई लेकिन बेटा की रिलीज अटक गई थी. यह फिल्म 1992 में रिलीज हुई तो ब्लॉकबस्टर निकली.

‘दिल’ फिल्म में कुल 7 गाने थे. सभी गाने अनुराधा पौडवाल ने गाए थे. सबसे दिलचस्प बात यह है कि ‘दिल’ फिल्म में उदित नारायण के ब्लॉकबस्टर गाने थे. उन्होंने कुल 5 गानों में अपनी आवाज दी थी. फिल्म के सुपरहिट गानों में ‘मुझे नींद ना आए, मुझे चैन ना आए’, ‘हम प्यार करने वाले’, ‘हमने घर छोड़ा है’, ‘खंभे जैसी खड़ी है’, ‘ओ प्रिया-प्रिया’ जैसे गाने शामिल थे. ‘ओ प्रिया-प्रिया’ जैसे गाने के दो वर्जन थे. माधुरी दीक्षित को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था. फिल्म का एक गाना ‘ना जाने कहां दिल खो गया’ आलाप ग्रुप के चन्नी सिंह के ‘चुनरी उड़ उड़ जाए’ से कॉपी किया गया था. ‘खंभे जैसी खड़ी है’गाना फिल्म के रिलीज होने के बाद जोड़ा गया था.

1990 में ही एक और म्यूजिकल फिल्म आई जिसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की. इस फिल्म के लिए दर्शकों की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिल्म 52 हफ्तों तक सिनेमाघरों से उतरी ही नहीं. महेश भट्ट के निर्देशन में बनी ‘आशिकी’ फिल्म का नाम लेते ही दिल में यादें ताजा हो जाती हैं. नदीम-श्रवण का म्यूजिक-समीर के गीतों ने तहलका मचा दिया था. मूवी 23 जुलाई 1990 को रिलीज हुई थी. यानी दिल फिल्म के रिलीज होने के पूरे एक माह बाद यह फिल्म रिलीज हुई थी. राहुल रॉय और अनु अग्रवाल लीड रोल में थी. दोनों रातोंरात स्टार बन गए थे.

म्यूजिक किंग गुलशन कुमार और मुकेश भट्ट ने मूवी को प्रोड्यूस किया था. सिंगर कुमार सानू रातोंरात स्टार बन गए थे. पूरी फिल्म में उनके ही गाने थे. इस फिल्म ने कई सितारों की किस्मत बदली. कुमार सानू के अलावा नदीम-श्रवण म्यूजिक इंडस्ट्री के किंग बनकर उभरे. ‘आशिकी’ पहले एक म्यूजिक एल्बम था जो कि ‘चाहत’ के नाम से टी-सीरीज की ओर लॉन्च किया जाना था. फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा हाथ इसके म्यूजिक का ही था. फिल्म के 2 करोड़ से ज्यादा ऑडियो कैसेट बिके थे. 90 के दशक का सबसे बेस्ट म्यूजिक ‘आशिकी’ का माना जाता है.

फिल्मकार महेश भट्ट ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म की कहानी उनकी पहली पत्नी किरण भट्ट संग उनकी लव स्टोरी से बहुत हद तक प्रेरित है. भगवान भोलेनाथ का संदेश लेकर गुलशन कुमार महेश भट्ट से फिल्म के निर्माण के सिलसिले में मिले थे. फिल्म के रिलीज से पहले उन्होंने दूरदर्शन पर गाने दिखाकर माहौल बनाया. एक समय तो ऐसा लगा कि फिल्म नहीं चलेगी क्योंकि गाने सब कोई सुन चुका था लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो इतिहास बन गया. फिल्म की मार्केटिंग और सादगी ने लोगों को आकर्षित किया.

फिल्म की स्क्रिप्ट रॉबिन भट्ट ने आकाश खुराना के साथ मिलकर लिखी थी. राहुल रॉय की आवाज की डबिंग एक्टर आदित्य पंचोली ने की थी. राहुल रॉय की मां इंदिरा रॉय महेश भट्ट परिचित थे. सिंगर कुमार सानू ने फिल्म में एक छोटी सी भूमिका निभाई थी. करीब 50 के बजट में बनी इस फिल्म ने 5 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. इस फिल्म के बाद राहुल रॉय ने 45 से ज्यादा फिल्में साइन की थीं लेकिन ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रहीं. राहुल रॉय और अनु अग्रवाल का करियर नहीं चल पाया. दोनों ही ‘वन फिल्म वंडर’ साबित हुए.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP