गर्मी का समय गाय-भैंस के लिए खतरनाक, छोटी-सी लापरवाही ले सकती है जान, पशुपालक इन बातों का रखें ध्यान
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Mau News: गर्मी का समय आ गया है और इस समय पशुओं की जान को खतरा होता है, क्योंकि इस समय कई बीमारियां पशुओं को घेर सकती हैं. आइए जानते हैं कि गर्मी के मौसम में कौन-सी बीमारियां फैल रही हैं और इससे जानवरों को कैसे बचाया जा सकता है.
मऊ: गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और गर्मी के मौसम में मनुष्यों के साथ जानवरों में भी कई बीमारियां प्रारंभ हो रही हैं. यदि आप पशुपालक हैं और पशु पालने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाएं. कहीं ऐसा ना हो कि आपका पशु कई बीमारियों के शिकार हो जाए और वह चारा खाना बंद कर दें. आइए जानते हैं कि गर्मी के मौसम में कौन-सी बीमारियां फैल रही हैं और इससे जानवरों को कैसे बचाया जा सकता है.
गाय और भैंस में फैल रहीं बीमारियां
लोकल 18 से बात करते हुए पशु चिकित्सक डॉ. रजनीश सिंह बताते हैं कि गर्मी के मौसम में गाय और भैंस में कई बीमारियां शुरू हो रही हैं, जिसमें मुख्य रूप से एफएमडी बीमारी तेजी से फैल रही है, जिसमें खुर में छाले पड़ जाते हैं और मुंह में अल्सर पड़ जाते हैं, जिसके कारण जानवर चारा खाना कम कर देती हैं. इससे मिल्क प्रोडक्शन कम हो जाता है.
इस समस्या से बचने के लिए रेगुलर वैक्सीन लगाना जरूरी है, जो सरकार की ओर से प्रत्येक पशुओं में लगवाई जाती है. यह बीमारी काफी घातक बीमारी होती है. इस बीमारी में एक-दूसरे जानवर में यह बीमारी फैलती है. यदि यह बीमारी किसी पशु में हो गए हैं, तो उस पशु को किसी दूसरे जानवर के संपर्क में ना आने दें, क्योंकि यह बीमारी एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलती है और जो काफी घातक बीमारी होती है.
सही समय पर इलाज न होने से पशु की जा सकती जान
इस मौसम में दूसरी बीमारी HS बीमारी फैल रही है. इस बीमारी में पशुओं को सांस लेने में दिक्कत होती है. यदि इस बीमारी में सही समय पर इलाज नहीं हुआ, तो पशुओं की जान चली जाती है. तीसरी बीमारी ब्लोट बीमारी फैल रही है. इस बीमारी में पशुओं के पेट फूलने लगते हैं, क्योंकि गर्मी के मौसम में बचा हुआ बासी रोटी-चावल खिलाने से मैक्रोवेल डाइजेशन की वजह से पेट फूलने लगता है, जिसे ब्लोट बोलते हैं. यदि इस बीमारी में भी सही समय पर इलाज ना हो, तो जानवरों के जान जाने की संभावना बनी रहती है.
पशु घर के आसपास रखें साफ-सफाई
यदि आप चाहते हैं कि इन बीमारियों से बचे रहें, तो एफएमडी और HS जैसी बीमारी में समय-समय पर वैक्सीनेशन कराते रहें. यदि कोई आपका पशु 6 महीने से अधिक का हो गया है, तो प्रत्येक वर्ष उन्हें वैक्सीनेशन कराते रहे, जिससे इन बीमारियों से बच सकें. जिस एरिया में आप पशुओं को बंद कर रहे हैं, उस एरिया में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. साफ-सफाई न रहने की वजह से पशुओं में थनैली होती है और बैक्टीरिया की वजह से पूरा थनतन कड़ा हो जाता है. इस परिस्थिति में पशु दूध देना बंद कर देती हैं. ऐसे में जहां आप पशुओं को बंद रहे हैं, उस स्थान की साफ-सफाई अवश्य रखें और समय-समय पर उनका वैक्सीनेशन कराते रहें.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.