भटकते रहे…घाटा सहा, फिर दिमाग में आया आइडिया! दूध बेचने वाले ने खड़ी कर दी अपनी फैक्ट्री – News18 हिंदी
Chapra Dairy Farmer Success Story: छपरा के बलबीर सिंह की कहानी आज बिहार के उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है. जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं. कभी गांव-गांव घूमकर दूध इकट्ठा करने और उसे दूसरी कंपनियों को बेचने वाले बलबीर आज खुद एक डेयरी फैक्ट्री के मालिक हैं. उनकी सफलता का राज है हार न मानने का जज्बा और सरकारी योजनाओं का सही लाभ. शुरुआती दिनों में मामूली कमाई और घाटे से परेशान बलबीर ने जब देखा कि बड़ी कंपनियां उन्हीं के दूध से बने उत्पाद बेचकर मोटा मुनाफा कमा रही हैं, तो उन्होंने खुद का ब्रांड बनाने की ठानी. प्रधानमंत्री योजना के तहत 15 लाख रुपये का लोन लेकर उन्होंने अपनी डेयरी यूनिट स्थापित की. आज उनके यहां पनीर, दही और मिठाइयां तैयार होती हैं. जिनकी सप्लाई छपरा, सीवान और गोपालगंज जैसे तीन जिलों में हो रही है. खास बात यह है कि बलबीर न केवल खुद आत्मनिर्भर बने, बल्कि उन्होंने 15 से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया है. उनकी कहानी साबित करती है कि अगर विजन स्पष्ट हो, तो एक दूध बेचने वाला भी सफल उद्यमी बन सकता है.
