एक फोन और सब खत्म! यह ट्रिक अपना लें कभी नहीं होंगे साइबर फ्रॉड का शिकार, क्रिमिनल भी पकड़ लेंगे अपना माथा
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Cyber Crime: साइबर क्राइम से बचने के कुछ आसान तरीके होते हैं. अगर आपने अपना लिया तो यकीनन कभी भी आपके साथ साइबर फ्रॉड नहीं हो पाएगा. साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल भी अपना माथा पकड़ लेंगे. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और इनेफू लैब्स के मालिक तरुण विग ने इसकी पूरी जानकारी दी है.
नई दिल्ली. भारत में बढ़ते हुए साइबर क्राइम कहीं ना कहीं लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. साइबर क्राइम को रोकने के लिए भारत सरकार की ओर से तमाम अभियान चलाए जा रहे हैं. सिस्टम बनाया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साइबर क्राइम से बचने के कुछ आसान तरीके होते हैं जिसे अगर आपने अपना लिया तो यकीनन कभी भी आपके साथ साइबर फ्रॉड नहीं हो पाएगा. साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल भी अपना माथा पकड़ लेंगे. साइबर क्राइम से बचने के कई उपाय होते हैं. इसके अलावा साइबर क्राइम का अगर आप शिकार हो भी गए तो कहां सबसे पहले शिकायत करें यह भी आज आपको बताएंगे.
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और इनेफू लैब्स के मालिक तरुण विग ने बताया कि साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता की बहुत ज्यादा जरूरत है. तमाम जागरूकता और अभियानों के बाद भी लोग डिजिटल अरेस्ट के शिकार हो रहे हैं. लोग फ्रॉड की बातों में आ जाते हैं और डर जाते हैं, लेकिन कुछ तरीके हैं जिसे आप अपना सकते हैं.
आधार और मोबाइल नंबर हर किसी को ना दें
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट तरुण ने बताया कि अपने डेटा को जितना हो सके प्राइवेट रखें. आपका निजी डेटा चाहे वो सोशल मीडिया पर हो या कहीं पर भी उसे हर किसी से साझा ना करें. निजी डेटा को हमेशा निजी ही रखें. अगर आप कहीं जाते हैं और कोई आपका आधार नंबर मांगता है या मोबाइल नंबर मांगता है तो हर जगह आधार नंबर और मोबाइल नंबर देने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. आपका मोबाइल नंबर जहां एक बार कई लोगों के हाथ लगा तो आपके पास तमाम तरह की कॉल आने लग जाएगी. आपके मोबाइल नंबर से ही तमाम तरह का फ्रॉड हो सकता है, इसीलिए हर किसी को अपना नंबर बांटने से बचें. इसके अलावा हर एक मोबाइल एप्लीकेशन पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा लागू रखें. टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन आजकल हर एप्लीकेशन में है, जिसके जरिए फ्रॉड होने से बच सकेंगे.
प्ले स्टोर से बाहर की एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें
उन्होंने बताया कि अगर आपके पास कोई लिंक भेजता है और कहता है कि इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लो इसमें तमाम फीचर्स हैं तो कभी भी उस बाहर की आई हुई मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड ना करें. ना ही उस लिंक पर क्लिक करें. ऐसा करने से आपका मोबाइल हैक हो सकता है. आपका डेटा चोरी हो सकता है. आपके साथ फ्रॉड हो सकता है. इसलिए जो भी एप्लीकेशन आपको डाउनलोड करनी है आप हमेशा गूगल प्ले स्टोर पर जाइए और वहीं से डाउनलोड करिए. लेकिन वहां पर भी अगर वह एप्लीकेशन आपसे तमाम तरह का डाटा मांग रही है जैसे आपकी कॉल एक्सेस, वीडियो और फोटो एक्सेस मांग रही है तो यकीनन आप बहुत जांच पड़ताल करके ही उस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करें.
यहां करें शिकायत
तरुण ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में आप साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं. अब हर शहर में और जिले में एक साइबर क्राइम थाना भी है वहां भी जा सकते हैं. साइबर सेल में जा सकते है और अपने साथ हुई फ्रॉड की शिकायत कर सकते हैं. इसके अलावा एक टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर है जो 1930 है इस पर भी आप अपने साथ हुई धोखाधड़ी और साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं.
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