बाड़मेर प्रिंसिपल सस्पेंड न्यूज़ | Barmer School Principal sexual-abuse-with Students |
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Barmer School Principal Accused of Misconduct with Students: बाड़मेर जिले के राउमावि हेमानाडा स्कूल में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ के प्रिंसिपल संतोष नामा पर स्कूली छात्रों को काम के बहाने बाहर ले जाकर कुकर्म करने के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोपी बच्चों को परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर उनका शारीरिक शोषण करता था. ग्रामीणों की शिकायत पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने जांच कमेटी बिठाई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने तुरंत कार्यवाही करते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है और उसका मुख्यालय करौली शिफ्ट कर दिया गया है. इस घटना से पूरे बाड़मेर में रोष है और ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. शिक्षा विभाग ने आरोपी के खिलाफ सख्त विभागीय जांच भी शुरू कर दी है.

बाड़मेर के प्रिंसिपल की घिनौनी करतूत! सामान लाने के बहाने बच्चों के साथ किया कुकर्म
Barmer School Principal Accused of Misconduct with Students: जिस शिक्षक को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है. वही जब मासूमों के भरोसे को तार-तार कर दे तो यह मामला सिर्फ अपराध नहीं बल्कि इंसानियत पर एक गहरा सवाल बन जाता है. सरहदी बाड़मेर जिले के राउमावि हेमानाडा स्कूल से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहाँ स्कूल के प्रिंसिपल संतोष नामा पर मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है. ग्रामीणों की भारी शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद दोषी प्रिंसिपल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
स्कूल जहाँ बच्चे सुरक्षित भविष्य के सपने संजोते हैं. वहां आरोपी संतोष नामा ने डर और खौफ का साम्राज्य बना रखा था. प्रिंसिपल बच्चों को अक्सर निजी काम जैसे गेहूं पिसाने या अन्य सामान लाने के बहाने अपने साथ सुनसान रास्तों पर ले जाता था. वहां वह उनके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देता था. मासूम बच्चे विरोध न कर सकें. इसके लिए वह अपने पद का दुरुपयोग करता था. और बच्चों को धमकी देता था कि अगर किसी को बताया तो परीक्षा में फेल कर दूंगा. इसी डर के साए में कई मासूम चुपचाप यह सब सहते रहे.
कलेक्टर टीना डाबी से न्याय की गुहार
इस शर्मनाक मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित बच्चे ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई. इसके बाद जब ग्रामीणों ने अन्य बच्चों से बात की. तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात की. और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की. कलेक्टर के निर्देशन में गठित जांच कमेटी ने जब मामले की पड़ताल की. तो प्रिंसिपल संतोष नामा को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया. जिसकी विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई.
निलंबन और मुख्यालय करौली शिफ्ट
जांच रिपोर्ट के आधार पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाया है. आदेश जारी करते हुए प्रिंसिपल संतोष नामा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. निलंबन की अवधि के दौरान आरोपी संतोष नामा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) करौली तय किया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल हर बार नए बच्चे को अपना शिकार बनाता था. इस कार्यवाही के बाद अब ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी और कठोरतम सजा की मांग कर रहे हैं. ताकि भविष्य में कोई शिक्षा के मंदिर को कलंकित न कर सके.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें