किडनी ट्रांसप्लांट का खेल, पूरे यूपी में बिछा जाल? लखनऊ का भी एक अस्पताल
कानपुर: कानपुर में एक ऐसे किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है पुलिस कार्रवाई में अब तक 7 अस्पतालों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 6 कानपुर और 1 लखनऊ का बताया जा रहा है. आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था और इसमें गरीब व मजबूर लोगों की किडनी निकालकर लाखों रुपए के ट्रांसप्लांट कराने का खेल चल रहा था. पुलिस, CMO टीम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि जिस मरीज का ट्रांसप्लांट किया गया था, उसे फिलहाल हेलेट अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है. अब तक इस रैकेट द्वारा 40 से 50 किडनी ट्रांसप्लांट की भी जानकारी मिली है. यहां पढ़ें हर एक अपडेट…
पुलिस ने अबतक 6 लोगों को किया अरेस्ट
पुलिस ने इस केस में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें डॉक्टर, अस्पताल संचालक, मेडिकल स्टाफ और नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं. इस पूरे गैंग में डॉ. सुरजीत सिंह अहूजा, डॉ. प्रीति अहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. गौरव सिंह और शिवम अग्रवाल का नाम शामिल है. पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में दवाइयां और करीब 1 लाख 75 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं. मामले में सबसे अहम कड़ी वह मरीज है, जिसका ट्रांसप्लांट किया गया था. उसे फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज और मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है.
शुरुआती कार्रवाई में तीन अस्पतालों के नाम सामने आया है
अहूजा अस्पताल, प्रिया अस्पताल और मिड लाइफ अस्पताल पर छापेमारी की गई इन्हीं अस्पतालों से पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं और बाद में जांच का दायरा बढ़ते-बढ़ते 7 अस्पतालों तक पहुंच गया. जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह पूरा कथित रैकेट पिछले कई वर्षों से चल रहा था. इस नेटवर्क में ऐसे लोगों को तलाशा जाता था जो आर्थिक तंगी, बीमारी या मजबूरी में हों फिर उन्हें लालच, दबाव या बहाने से ट्रांसप्लांट नेटवर्क में जोड़ा जाता था. दूसरी तरफ जरूरतमंद मरीजों से भारी रकम वसूली जाती थी. आशंका यह भी है कि कई मामलों में फर्जी पहचान, फर्जी रिश्तेदारी और फर्जी मेडिकल दस्तावेजों के सहारे ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी. इस पूरे मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
60 लाख रुपये में बेच दी किडनी
रावतपुर थाना क्षेत्र में बने आहूजा हॉस्पिटल में उत्तराखंड के रहने वाले आयुष ने अपनी किडनी 60 लाख रूपये में दूसरे मरीज को बेंच दी. कल्याणपुर के आवास विकास तीन में बने एक आपर्टमेंट में शिवम अग्रवाल उर्फ़ शिवम काड़े ने उसे पैसों का लालच देकर उत्तराखंड से कानपुर बुलावाया और एक मरीज को अपनी किडनी बेचने को कहा. बदले में शिवम ने आयुष को अच्छी रकम दिलाने का वादा किया. दोनों का रावतपुर के आहूजा हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट हुआ. शिवम काड़े ने मरीज के परिजनों से 60 लाख रूपये किडनी का सौदा किया और मरीज को किडनी डाल दी.
पुलिस कर रही है पूछताछ
24 घंटे तक दोनों को आहूजा हॉस्पिटल में रखा गया उसके बाद आयुष को वहां से हटाकर कल्याणपुर आवास विकास तीन में बने मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया. उसके मामले की जानकारी जब क्राइम ब्रांच को हुई तो शनिवार देर रात आहूजा हॉस्पिटल में छापेमारी की. जिसके बाद वहां की देखरेख करने वाले राघव त्रिपाठी को पूछताछ के लिए उठा लिया. मामला तूल पकड़ता देख आहूजा हॉस्पिटल के संचालक ने कल्याणपुर के प्रिया हॉस्पिटल में किडनी लेने वाले मरीज को भर्ती करा दिया. पूछताछ में मामला खुला तो पुलिस की टीम रविवार देर शाम को प्रिया सरोज हॉस्पिटल पहुंची. जहां से पुलिस टीम परिजनों से पूछताछ कर रही है.
आहूजा हॉस्पिटल के संचालक को लिया हिरासत में
क्राइम ब्रांच और रावतपुर पुलिस टीम ने रविवार को देर शाम को आहूजा हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर प्रीति आहूजा उनके पति डॉक्टर सुरजीत आहूजा को हिरासत में लेकर गुप्त जगह पर रख पूछताछ कर रही है. सूत्र की माने तो पूरे मामले में एक किडनी की खरीद परोख्त करने का बड़ा सिण्डिकेट है, जो पूरे प्रदेश में फैला है.
कल्याणपुर के एक दर्जन हॉस्पिटल रडार में
सूत्र बताते है कि कल्याणपुर में एक दर्जन से अधिक हॉस्पिटल के नाम प्रकाश में आये है. जो किडनी ट्रांसप्लांट का कार्य कर रहे है. पुलिस ने रविवार देर रात तक कई हॉस्पिटल में छापेमारी कर संचालको से पूछताछ कि जा रही है.