Indian Movies That Won Oscar: वो 6 इंडियन फिल्में, जिन्होंने ऑस्कर में लहराया जीत का परचम, एसएस राजामौली की मूवी का नाम भी लिस्ट में शामिल
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भारतीय सिनेमा ने वैश्विक मंच पर समय-समय पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है. हालांकि ऑस्कर की रेस हमेशा कठिन रही है, लेकिन भारतीय प्रतिभाओं ने समय-समय पर अपनी कला का लोहा मनवाया है. कॉस्ट्यूम डिजाइन से लेकर म्यूजिक और डॉक्यूमेंट्री तक, भारतीय फिल्मों और कलाकारों ने ऑस्कर की सुनहरी ट्रॉफी जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है. यह जीत भारतीय कहानियों के दमखम का प्रमाण है. आइए जानते हैं उन भारतीय फिल्मों के बारे में जानते हैं जिन्होंने ऑस्कर जीता.
नई दिल्ली. इंडियन सिनेमा ने ऑस्कर के मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है. ऐतिहासिक जीत की शुरुआत भानु अथैया ने फिल्म गांधी के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन जीतकर की थी. इसके बाद एआर रहमान, गुलजार और रसूल पुकुट्टी ने ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के जरिए दुनिया भर में भारत का डंका बजाया. हाल के वर्षों में एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर के गाने नाटू नाटू ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया. वहीं, ‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’, ‘पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस’ और ‘स्माइल पिंकी’ जैसी डॉक्युमेंट्रीज ने भी सुनहरी ट्रॉफी अपने नाम की है.
गांधी: भले ही इस फिल्म का निर्देशन रिचर्ड एटनबरो ने किया था, लेकिन यह भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण था. भानु अथैया ने इस फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का ऑस्कर जीता और वह ऑस्कर पाने वाली पहली भारतीय बनीं. उन्होंने महात्मा गांधी की सादगी और भारतीय परिवेश को कपड़ों के जरिए बड़े पर्दे पर जीवंत कर दिया था. इस फिल्म ने कुल 8 ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा था.
स्लमडॉग मिलेनियर: इस फिल्म ने ऑस्कर के मंच पर भारत का डंका बजा दिया. संगीत सम्राट एआर रहमान ने बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग (जय हो) के लिए दो ऑस्कर जीते. इसी फिल्म के लिए गुलजार को बेस्ट लिरिक्स और रसूल पुकुट्टी को बेस्ट साउंड मिक्सिंग का अवॉर्ड मिला. मुंबई की झुग्गियों पर आधारित इस कहानी के संगीत ने पूरी दुनिया को झूमने पर मजबूर कर दिया था.
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आरआरआर: एसएस राजामौली की इस भव्य फिल्म ने भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई दी. फिल्म के गीत नाटू नाटू ने ‘बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया. संगीतकार एमएम कीरावनी और गीतकार चंद्रबोस ने यह सम्मान हासिल किया. यह किसी भी विशुद्ध भारतीय प्रोडक्शन (भारतीय भाषा की फिल्म) के लिए संगीत की श्रेणी में मिलने वाला पहला ऑस्कर था.
द एलीफेंट व्हिस्परर्स: कार्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा की इस दिल छू लेने वाली फिल्म ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का ऑस्कर जीता. यह एक आदिवासी जोड़े और एक अनाथ हाथी के बच्चे के बीच के भावनात्मक रिश्ते की कहानी है. नीलगिरी के जंगलों में फिल्माई गई इस डॉक्यूमेंट्री ने प्रकृति और इंसान के गहरे जुड़ाव को खूबसूरती से दिखाया, जिसे पूरी दुनिया ने सराहा.
स्माइल पिंकी: मेगन माईलन के निर्देशन में बनी फिल्म स्माइल पिंकी ने साल 2008 में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट का ऑस्कर अपने नाम किया था. यह फिल्म उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली पिंकी नाम की बच्ची की कहानी है, जो कटे होंठ की समस्या के साथ पैदा हुई थी. एक छोटी सी सर्जरी ने न सिर्फ उसकी मुस्कान लौटाई, बल्कि उसकी पूरी जिंदगी बदल दी. यह फिल्म दिखाती है कि सही इलाज किसी के जीवन में कितना बड़ा चमत्कार कर सकता है.
रियड. एंड ऑफ सेंटेंस: गुनीत मोंगा के प्रोडक्शन में बनी शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री ‘पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस’ ने 91वें एकेडमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट’ का ऑस्कर जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. यह फिल्म ग्रामीण भारत की उन महिलाओं की कहानी है, जो पीरियड्स से जुड़ी पुरानी रूढ़ियों और शर्म को तोड़कर सेनेटरी पैड बनाने की मशीन लगाती हैं. मासिक धर्म और सेहत जैसे गंभीर विषय पर जागरूकता फैलाती यह फिल्म महिला सशक्तिकरण की एक बेहद प्रेरणादायक मिसाल है.