12 किमी एलिवेटेड रोड, अब नहीं जाएंगे मोबाइल के सिग्नल, जानिए एक्सप्रेसवे की खासियत

Share to your loved once


Last Updated:

दिल्ली से देहरादून का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने जा रहा है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि इसे और अधिक आरामदायक भी बनाएगा. खास बात यह है कि इस मार्ग पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या को खत्म करने के लिए हर किलोमीटर पर टावर लगाए गए हैं, जिससे सफर के दौरान कनेक्टिविटी बनी रहेगी.

दिल्ली से देहरादून की दूरी कम करने के लिए बनाए जा रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का 12 किलोमीटर लंबा हिस्सा बिंदल नदी के ऊपर 575 पिलरों पर एलिवेटेड मार्ग के रूप में तैयार किया गया है. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां अक्सर मोबाइल नेटवर्क की समस्या रहती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस एलिवेटेड मार्ग के हर एक किलोमीटर पर मोबाइल टावर लगाए गए हैं. इससे अब सफर के दौरान नेटवर्क गायब होने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

एलिवेटेड मार्ग बनने से पहले मोहंड से देहरादून तक का सफर लगभग 45 मिनट में तय होता था, लेकिन जाम लगने की स्थिति में यही यात्रा 2 घंटे तक पहुंच जाती थी. उस दौरान जहां लोग लंबे जाम में फंसे रहते थे, वहीं मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2021 में शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच की दूरी और यात्रा समय को कम करना है. पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 5 से 6 घंटे लगते थे, जिसमें सबसे अधिक समय पहाड़ी इलाकों के जाम में निकल जाता था. इसी को ध्यान में रखते हुए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग बिंदल नदी, राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगलों और शिवालिक पहाड़ियों से होकर बनाया गया है. यह एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर भी है, जिसे जानवरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सिंगल पिलर पर तैयार किया गया है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड मार्ग पर चढ़ते ही पहले मोबाइल नेटवर्क गायब होने की समस्या आम थी, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है. हर एक किलोमीटर पर डिवाइडर के बीच छोटे-छोटे मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्र से गुजरते समय भी नेटवर्क बना रहेगा. अब सफर के दौरान आपके मोबाइल के सिग्नल नहीं जाएंगे और आप इमरजेंसी कॉल भी आसानी से कर सकेंगे.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल महीने में कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और संभावना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से किया जा सकता है. उद्घाटन के तुरंत बाद एलिवेटेड मार्ग पर लगाए गए मोबाइल टावर भी सक्रिय कर दिए जाएंगे. इससे सफर के दौरान मोबाइल नेटवर्क की समस्या खत्म हो जाएगी और लोग इमरजेंसी कॉल भी आसानी से रिसीव कर सकेंगे.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बना लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड (वाइल्डलाइफ कॉरिडोर) करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है और इसे 575 पिलरों पर बनाया गया है.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग सफर को काफी तेज और आसान बना रहा है. अब सहारनपुर के मोहंड क्षेत्र से देहरादून पहुंचने में मात्र 10 मिनट का समय लगता है, जबकि पहले पहाड़ी रास्तों से होकर इस दूरी को तय करने में करीब 45 मिनट लगते थे. इस एलिवेटेड मार्ग के बनने से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि यात्रा भी अधिक आरामदायक हो गई है.

इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा भी तय की गई है. कारों के लिए अधिकतम गति 100 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और बाइकों के लिए 60 किमी/घंटा रखी गई है. हादसों को रोकने के लिए यहां पुख्ता सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं, जिससे सफर सुरक्षित और सुगम बन सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP