चाय में चीनी जहर बन रही? जानिए 5 हेल्दी ऑप्शन, जो स्वाद भी बढ़ाएंगे और सेहत भी फिट रखेंगे
Last Updated:
How to Make Healthy Tea Without Sugar: राजस्थान की मेहमाननवाजी में चाय का खास महत्व है, लेकिन बढ़ती हेल्थ समस्याओं के कारण लोग अब चीनी से दूरी बना रहे हैं. ऐसे में चाय को मीठा बनाने के लिए कोकोनट शुगर, स्टीविया और मोंक फ्रूट जैसे नेचुरल विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. ये विकल्प कम कैलोरी वाले होते हैं और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा शहद और गुड़ जैसे पारंपरिक विकल्प भी स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद हैं. इन तरीकों से बिना चीनी के भी चाय का स्वाद बरकरार रखा जा सकता है.
मेहमाननवाजी की बात की जाए तो राजस्थान इस मामले में सबसे आगे है और यहां की मेहमाननवाजी सबसे मशहूर भी है, लेकिन राजस्थान में एक कहावत काफी प्रचलित है कि चाहे मेहमान को 16 पकवान खिला दो, लेकिन एक कप चाय 16 पकवानों को भी पीछे छोड़ देती है. चाहे ऑफिस जाने की जल्दी हो या शाम की थकान से छुटकारा पाना हो, एक कप चाय हर घर की आदत और जरूरत दोनों बनी हुई है. लेकिन आजकल तेजी से बढ़ती हेल्थ समस्याओं और बढ़ती अवेयरनेस के कारण लोग धीरे-धीरे चीनी कम करने की कोशिश कर रहे हैं. अधिक मात्रा में चीनी शरीर में वजन बढ़ाने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों को निमंत्रण देती है.ऐसे में चाय को मीठा बनाने के प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प ढूंढना लोगों के लिए जरूरी हो गया है. यही वजह है कि बिना चीनी के भी मीठी और स्वादिष्ट चाय बनाने के अनोखे तरीके धीरे-धीरे ट्रेंड में आ रहे हैं.
चीनी छोड़ने की शुरुआत कई लोगों के लिए आसान नहीं होती, क्योंकि सालों से मीठी चाय पीने की आदत बन चुकी होती है. लेकिन जब विकल्प हेल्दी हों और स्वाद भी बढ़िया मिले, तो बदलाव मुश्किल नहीं लगता. इसी कड़ी में कोकोनट शुगर लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कोकोनट शुगर नारियल के रस से बनाई जाती है और इसका स्वाद हल्का गुड़ जैसा होता है. इसे चाय में डालने से न सिर्फ मीठापन आता है, बल्कि उसमें एक अलग प्राकृतिक फ्लेवर भी महसूस होता है.यह सामान्य चीनी की तुलना में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली होती है, जिससे शरीर में शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता. इसलिए यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा है जो चीनी बंद करना चाहते हैं, लेकिन स्वाद से समझौता नहीं करना चाहते.
नेचुरल स्वीटनर की बात की जाए तो स्टीविया आज सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला विकल्प है. स्टीविया एक पौधा है, जिसके पत्तों में प्राकृतिक मिठास पाई जाती है. यह चीनी से कई गुना मीठा होता है, लेकिन इसमें कैलोरी लगभग नहीं के बराबर होती है. कई लोग इसके पत्तों को सुखाकर पाउडर के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जबकि मार्केट में स्टीविया टैबलेट्स और लिक्विड फॉर्म में भी उपलब्ध है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह डायबिटीज़ पेशेंट्स के लिए भी सुरक्षित माना जाता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है. वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी यह एक आदर्श विकल्प है, क्योंकि यह बिना कैलोरी के मीठापन प्रदान करता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
मोंक फ्रूट भी चीन और अन्य देशों में बहुत समय से नेचुरल स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल होता आ रहा है. यह एक प्लांट-बेस्ड शुगर है, जो सामान्य चीनी की तुलना में कई गुना अधिक मीठी होती है, इसलिए इसे चाय में कम मात्रा में ही डाला जाता है.विदेशों में कई फूड प्रोडक्ट्स में इसका उपयोग प्राकृतिक मिठास के रूप में किया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह स्टीविया की तरह लगभग बिना कैलोरी का होता है और इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव भी नहीं पाए जाते. जो लोग प्राकृतिक मिठास के साथ हेल्दी विकल्प चाहते हैं, उनके लिए मोंक फ्रूट आज के समय में एक बेहतर विकल्प बन चुका है.
अगर आप पूरी तरह नेचुरल और पारंपरिक मिठास चाहते हैं, तो शहद और गुड़ दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं. कई लोग चाय को हल्का ठंडा होने के बाद उसमें शहद मिलाकर पीते हैं, ताकि इसके पोषक तत्व नष्ट न हों. शहद में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं. वहीं, गुड़ आयरन, मिनरल्स और प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है, जिसकी चाय में खुशबू और स्वाद दोनों ही शानदार होते हैं. खास बात यह है कि गुड़ की चाय का स्वाद अलग स्तर का होता है और इसे पीने वाले लोग चीनी वाली चाय वापस पसंद ही नहीं करते. इसलिए अब चाय प्रेमियों को मिठास के लिए चीनी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये हेल्दी विकल्प चाय को और भी जायकेदार बना देते हैं.