यूपी PCS मेंन्स देने गई थीं, पता चला SDM बन गईं, अंबेडकर नगर की पूजा ने हासिल की 7वीं रैंक
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Success Story : अंबेडकर नगर की पूजा तिवारी की यह प्रेरणादायक कहानी हर अभ्यर्थी के लिए मिसाल है. वह यूपीपीएससी पीसीएस मेंस परीक्षा देने गई थीं, लेकिन वहीं उन्हें पता चला कि उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए 7वीं रैंक प्राप्त की है और एसडीएम बन गई हैं. सीमित संसाधनों और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की गई यह सफलता बताती है कि सच्ची लगन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

Success Story : पूजा तिवारी के पिता कुशीनगर में सब इंस्पेक्टर हैं.
Success Story : यूपी पीसीएस 2024 में लखनऊ की पूजा तिवारी ने सातवीं रैंक हासिल की है. इस समय वह प्रयागराज में पीसीएस 2025 का मेन्स एग्जाम दे रही थीं. इसी बीच उन्हें 7वीं रैंक के साथ एसडीएम बनने की खबर मिली. जिसके बाद तो पूरा माहौल ही बदल गया. पहले तो उन्हें अपने इस रिजल्ट पर भरोसा ही नहीं हुआ. उन्होंने कई बार रिजल्ट देखकर कन्फर्म किया. जिसके लिए वह मेन्स एग्जाम दे रही थीं, वह हासिल हो गया. इसके बाद उन्होंने एग्जाम छोड़ दिया.
इस सफलता पर उनके पूरे परिवार में जश्न का माहौल है. उनके पिता सत्य प्रकाश तिवारी कुशीनगर में पुलिस सब इंस्पेक्टर हैं. पूजा मूलत: अंबेडकर नगर जिले के टांडा की रहने वाली हैं. मौजूदा समय में उनका परिवार लखनऊ के कृष्ण नगर के हरिओम नगर में रहता है. यह पूजा का पहला प्रयास था. उन्होंनें पहली ही बार में झंडे गाड़ दिया.
जियोग्राफी में कर रही हैं पीएचडी
पूजा के एकेडमिक बैकग्राउंड की अगर बात करें तो उन्होंने हाई स्कूल परीक्षा बहराइच के बैरोज ब्लू बेल्स स्कूल से पास की है. जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा लखनऊ पब्लिक स्कूल से पास करने के बाद नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ से इकोनॉमिक्स, जाग्रफी और पॉलिटिकल साइंस विषय से ग्रेजुएशन किया. ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से जाग्राफी विषय में किया. मौजूदा समय में पूजा तिवारी डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी से जियोग्राफी में पीएचडी कर रही हैं.
महिलाओं के लिए करना चाहती हैं काम
एसडीएम बनीं पूजा तिवारी का कहना है कि वह महिलाओं के लिए काम करना चाहती हैं. सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू कराने का प्रयास करेंगी. उनका विशेष फोकस महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा.
UPSC में दो बार मिली असफलता
पूजा तिवारी ने बताया कि उन्होंने दो बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी. लेकिन दोनों बार असफलता हाथ लगी. जिससे वह निराश हो गईं. लेकिन इसके बाद उन्होंने पूरा फोकस यूपी पीसीएस पर किया और पहले ही प्रयास में कामयाबी मिल गई. उन्होंने तैयारी के बारे में बात करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर नियंत्रण जरूरी था. बहुत सीमित समय के लिए मोबाइल का प्रयोग करती थी.
ज्यादा समय न करें बर्बाद
पूजा तिवारी ने तैयारी के बारे में कहा कि अगर सफलता नहीं मिल रही है तो प्लानिंग में बदलाव करके देखना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अगर पीसीएस में सफलता नहीं मिल रही है तो जरूरी नहीं है कि यही काम किया जाए. ज्यादा समय ना बर्बाद करते हुए अपना ट्रैक भी बदल देना चाहिए. क्योंकि सफलता सिविल सर्विसेज पास करना ही नहीं है. बल्कि तमाम दूसरे क्षेत्र हैं वहां भी सफलता पाई जा सकती है.
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प्रवीण सिंह साल 2015 से जर्नलिज्म कर रहे हैं. न्यूज18 हिंदी के करियर/एजुकेशन/जॉब्स सेक्शन में साल 2021 से काम कर रहे हैं. इन्हें फोटोग्राफी करने, किताबें पढ़ने, बाईक से लंबी यात्राएं करने का जुनून है. किताबों मे…और पढ़ें