Best Movies with Plot Twists: पलक झपकते ही पलट जाएगी कहानी, इन 8 फिल्मों में तगड़ा है ट्विस्ट, सबकी बाप है चौथे नंबर वाली मास्टरपीस मूवी
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अगर आप सस्पेंस और थ्रिलर के दीवाने हैं, तो ये 8 फिल्में आपके लिए ही हैं. इन कहानियों में पल-पल पर ऐसे मोड़ आते हैं कि आप अंत तक अंदाजा ही नहीं लगा पाएंगे कि आगे क्या होने वाला है. खासकर लिस्ट में मौजूद चौथे नंबर वाली फिल्म तो सस्पेंस की बाप है, जिसका क्लाइमैक्स आपके रोंगटे खड़े कर देगा. दिमाग घुमा देने वाले इन प्लॉट ट्विस्ट्स को मिस करना गलती होगी.
नई दिल्ली. सीधी-सादी कहानियां तो हर कोई देखता है, लेकिन असली मजा तब आता है जब फिल्म का ट्विस्ट आपके पैरों तले जमीन खिसका दे। सस्पेंस और थ्रिलर का जादू ही ऐसा है कि दर्शक आखिरी सीन तक स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाते. कभी कोई अंधा होने का नाटक करता है, तो कभी कोई लापता पति की तलाश में पूरे शहर को हिला देता है. अगर आप भी दिमाग की बत्ती जला देने वाले प्लॉट ट्विस्ट के शौकीन हैं, तो हम आपके लिए लाए हैं 8 ऐसी कल्ट फिल्में, जिनका अंत देखकर आप दंग रह जाएंगे.
द सिक्स्थ सेंस: हॉलीवुड की इस क्लासिक फिल्म ने ट्विस्ट शब्द को घर-घर में मशहूर कर दिया. कहानी एक बच्चे की है जो मरे हुए लोगों को देख सकता है और एक डॉक्टर उसका इलाज करने की कोशिश करता है. पूरी फिल्म के दौरान आपको जो महसूस होता है, क्लाइमैक्स में वह पूरी तरह गलत साबित हो जाता है. फिल्म खत्म होने के बाद आप इसे दोबारा देखने पर मजबूर हो जाते हैं ताकि बारीकियों को समझ सकें. (फोटो साभार: IMDb)
अंधाधुन: आयुष्मान खुराना की इस फिल्म ने थ्रिलर के मायने बदल दिए. एक अंधा पियानो प्लेयर, जो शायद अंधा है भी और नहीं भी, एक मर्डर का गवाह बन जाता है. फिल्म में पल-पल पर ऐसे मोड़ आते हैं कि आप समझ नहीं पाते कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ. इसका आखिरी सीन आज भी इंटरनेट पर बहस का विषय बना रहता है. (फोटो साभार: IMDb)
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अंधाधुन: आयुष्मान खुराना की इस फिल्म ने थ्रिलर के मायने बदल दिए. एक अंधा पियानो प्लेयर, जो शायद अंधा है भी और नहीं भी, एक मर्डर का गवाह बन जाता है. फिल्म में पल-पल पर ऐसे मोड़ आते हैं कि आप समझ नहीं पाते कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ. इसका आखिरी सीन आज भी इंटरनेट पर बहस का विषय बना रहता है. (फोटो साभार: IMDb)
शटर आइलैंड: लियोनार्डो डिकैप्रियो की यह फिल्म एक मनोवैज्ञानिक भूलभुलैया है. दो डिटेक्टिव एक पागलखाने वाले टापू पर एक गायब मरीज को ढूंढने जाते हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, हकीकत और कल्पना के बीच की लकीर धुंधली होने लगती है. जब फिल्म का आखिरी सच सामने आता है, तो वह आपके पैरों तले जमीन खिसका देता है. यह फिल्म दिमाग की परतों को झकझोर कर रख देती है. इस फिल्म के ट्विस्ट का आज तक कोई तोड़ नहीं है. (फोटो साभार: IMDb)
कहानी: विद्या बालन एक गर्भवती महिला के रूप में कोलकाता की गलियों में अपने लापता पति को तलाशती हैं. पूरी फिल्म में उनके प्रति आपकी सहानुभूति बनी रहती है, लेकिन क्लाइमैक्स में जब मां दुर्गा के विसर्जन के बीच सच से पर्दा उठता है, तो सब सन्न रह जाते हैं. यह भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन ट्विस्ट्स में से एक है, जिसे देखने के बाद आप विद्या बालन की एक्टिंग के कायल हो जाएंगे. (फोटो साभार: IMDb)
द प्रेस्टीज: क्रिस्टोफर नोलन की यह फिल्म दो जादूगरों की दुश्मनी और उनके सबसे बड़े ‘मैजिक ट्रिक’ के इर्द-गिर्द घूमती है. यह सिर्फ जादू की कहानी नहीं है, बल्कि जुनून और बलिदान की दास्तां है. फिल्म खुद एक जादू की तरह है, आप इसे जितना ध्यान से देखेंगे, उतना ही धोखा खाएंगे. इसका अंत इतना गहरा है कि वह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि कोई अपनी कला के लिए किस हद तक जा सकता है. (फोटो साभार: IMDb)
तुम्बाड़: हॉरर और सस्पेंस का ऐसा मेल आपने पहले कभी नहीं देखा होगा. हस्तर के खजाने और इंसान के लालच की यह कहानी किसी लोककथा जैसी लगती है. फिल्म का माहौल और इसकी सिनेमेटोग्राफी आपको डराती भी है और बांधे भी रखती है. अंत में लालच का जो नतीजा दिखाया गया है, वह किसी बड़े धमाके से कम नहीं है. यह फिल्म भारतीय सिनेमा का एक छिपा हुआ हीरा है. (फोटो साभार: IMDb)
क्रेजी: सोहम शाह की फिल्म क्रेजी एक जबरदस्त साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जो दर्शकों को दिमाग घुमा देने वाले सफर पर ले जाती है. फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी बेटी किडनैप हो जाती है. इस फिल्म में भी सोहम ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाया है. फिल्म का माहौल काफी डार्क और रहस्यमयी है, जो अंत तक बांधे रखता है. अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो खत्म होने के बाद भी आपके दिमाग में चलती रहें, तो ‘क्रेजी’ आपके लिए एक परफेक्ट वॉच है. (फोटो साभार: IMDb)