सावधान! खतरनाक प्लान तैयार, साइबर क्राइम में होगा AI का इस्तेमाल, अब इन नई टेक्नोलॉजी से होगी ठगी
Last Updated:
वर्तमान में हमारे देश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम दो तरह से हो रहे हैं. आने वाले वक्त में साइबर क्राइम और नए तरीके का होगा. अब टेक्नोलॉजी और बदल चुकी है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ चुका है और उसके जरिए बहुत कुछ किया जा सकता है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट तरुण ने बताया कि आने वाले चुनाव के दौरान नेताओं की फेक ऑडियो और वीडियो बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जाएगी.
नई दिल्ली. हमारे देश में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ता जा रहा है. आने वाले वक्त में साइबर क्राइम का रूप पूरी तरह से बदल जाएगा. हर साल नए तरीके के साइबर क्राइम आ रहे हैं. पहले लोगों को लालच देकर साइबर क्राइम को अंजाम दिया जाता था अब उनके अंदर डर पैदा करके डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर क्राइम को अंजाम दिया जा रहा है. आने वाले वक्त में साइबर क्राइम और नए तरीके का होगा. अब टेक्नोलॉजी और बदल चुकी है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ चुका है और उसके जरिए बहुत कुछ किया जा सकता है.
2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव है जबकि प्रधानमंत्री पद के लिए 2019 में जो चुनाव होंगे उससे पहले भी साइबर क्रिमिनल कई तरह के साइबर क्राइम को अंजाम देंगे. यह कहना है इनेफू लैब्स के मालिक और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट तरुण विग का जिनकी यह कंपनी पिछले 15 सालों से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों, रक्षा (DRDO) और कानून प्रवर्तन को डेटा एनालिटिक्स, चेहरा पहचान और भविष्यसूचक खुफिया समाधान प्रदान करती है. उनकी कंपनी का बनाया गया मोबाइल एप्लीकेशन कवच 3.2 मिलियन भारत सरकार के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं अपनी ईमेल आईडी को लॉगिन करने के लिए और इनकम टैक्स से लेकर पुलिस विभाग तक इनकी साइबर सिक्योरिटी का इस्तेमाल कर रहे हैं.
फेक ऑडियो और वीडियो बनाए जाएंगे
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट तरुण ने बताया कि आने वाले चुनाव के दौरान नेताओं की फेक ऑडियो और वीडियो बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जाएगी. अभी से ही ऐसे साइबर क्राइम बढ़ गए हैं, जिनको रोकने की जरूरत है. सरकार को भी अब समझना होगा कि साइबर क्राइम टेक्नोलॉजी आधारित दिक्कत है जो हमारे देश में बढ़ती जा रही है, इसलिए सरकार को अब टूल्स और टेक्नोलॉजी पर अपना फोकस करना होगा. उन्होंने यह भी बताया कि हर साल साइबर क्राइम का रूप बदल रहा है. पहले मोबाइल से साइबर क्राइम किया जाता था. अब सोशल मीडिया से भी होने लगा है और आने वाले वक्त में इसका और भी क्या नया रूप हमें देखने के लिए मिल सकता है.
डीप फेक के बढ़ रहे हैं केस
उन्होंने बताया कि पिछले साल हमारे देश में 22000 करोड़ रुपए का स्कैन हुआ था जो कि साइबर क्राइम ही था. अभी हमारे देश में बुजुर्गों को साइबर क्रिमिनल का ज्यादा शिकार बनाया जा रहा है. साइबर क्रिमिनल कभी उनकी पेंशन निकाल रहे हैं तो कभी दूसरी तरह से उनको आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं. वर्तमान में हमारे देश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम दो तरह से हो रहे हैं. पहला डिजिटल अरेस्ट और दूसरा डीप फेक और एक और की बात करें तो वह है वॉइस क्लोनिंग यानी आपके परिचित जैसी ही आवाज बनाकर आपको कॉल की जाएगी और आपको बेवकूफ बनाया जाएगा और हो सकता है आपसे पैसे मांगे और आप पैसे दे दें. इस तरह के साइबर क्राइम हमारे देश में अभी फिलहाल ज्यादा हो चुके हैं.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें