संसद लाइव : नक्सलवाद के खात्मे की मियाद खत्म, लोकसभा में जवाब देंगे अमित शाह, राज्यसभा में भी अहम चर्चा

Share to your loved once


संसद के दोनों सदनों के लिए सोमवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है. लोकसभा में आज देश को वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी. यह बहस ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय कर रखी है और यह डेडलाइन समाप्त होने में अब सिर्फ एक दिन बाकी है.

लोकसभा सचिवालय ने इस विषय को नियम 193 के तहत सूचीबद्ध किया है. इस नियम के अंतर्गत अल्पकालिक चर्चा होती है, जिसमें मतदान नहीं कराया जाता, लेकिन सरकार को चर्चा का जवाब देना अनिवार्य होता है. ऐसे में यह बहस सरकार के दावों और जमीनी हकीकत दोनों की परीक्षा मानी जा रही है.

इस चर्चा की शुरुआत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे और टीडीपी सांसद बायरेड्डी शबरी करेंगे. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि देश से नक्सलवाद का खतरा 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा. ऐसे में आज की चर्चा में सरकार से इस दिशा में उठाए गए कदमों और उनकी प्रभावशीलता पर सवाल-जवाब होने की संभावना है.

लाइव अपडेट्स…

निशिकांत दुबे के बयान पर बवाल, बीजेडी सांसदों का वॉकआउट

राज्यसभा में आज उस वक्त माहौल गरमा गया जब बीजू जनता दल के सांसदों ने विरोध स्वरूप राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया. यह विरोध निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के खिलाफ किया गया. बीजेडी सांसदों के नेता सास्मित पात्रा ने कहा कि निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को ‘CIA एजेंट’ बताया, जो न केवल अपमानजनक है बल्कि एक सम्मानित नेता की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बयान है.

इसी मुद्दे को लेकर बीजेडी के सभी सांसदों ने एकजुट होकर राज्यसभा से वॉकआउट किया और सदन के बाहर अपना विरोध दर्ज कराया. यह विरोध केवल सदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे पहले सास्मित पात्रा ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए संसदीय स्थायी समिति (आईटी) से इस्तीफा भी दे दिया था, जिसकी अध्यक्षता निशिकांत दुबे कर रहे हैं.

इसके अलावा लोकसभा में आज इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 पर भी चर्चा जारी रहेगी. इस विधेयक को 27 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया था. बिल का उद्देश्य दिवालियापन से जुड़े मामलों के निपटारे में हो रही देरी को कम करना और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है. सरकार का मानना है कि इस संशोधन से कारोबारी माहौल बेहतर होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

वहीं, राज्यसभा में आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) बिल, 2026 पर चर्चा होगी. इस बिल को भी गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे और इसे पारित कराने की कोशिश करेंगे. गौरतलब है कि 25 मार्च को जब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया गया था, तब विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कार्यवाही प्रभावित हुई थी.

कुल मिलाकर, संसद में आज का दिन न केवल सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर बहस के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विधेयकों पर भी गंभीर चर्चा का गवाह बनेगा. खास तौर पर नक्सलवाद पर होने वाली बहस पर देश की नजरें टिकी होंगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर आंतरिक सुरक्षा और सरकार के बड़े वादे से जुड़ा हुआ मामला है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP