ताजमहल की असली कब्रें क्यों रहती हैं बंद? जानिए सुरक्षा और संरक्षण की बड़ी वजह
Real Tombs of the Taj Mahal: उत्तर प्रदेश के ताजमहल की खूबसूरती दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि यहां मौजूद असली कब्रें आमतौर पर बंद रहती हैं. मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में 1632-1653 के बीच इसका निर्माण कराया था. पर्यटकों को जो कब्रें दिखाई देती हैं वे प्रतीकात्मक हैं जबकि असली कब्रें मुख्य गुंबद के नीचे बंद तहखाने में है. इतिहासकारों के अनुसार इन्हें सुरक्षा, संरक्षण, भीड़ नियंत्रण और कार्बन डाइऑक्साइड से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बंद रखा जाता है. आगरा के इतिहासकारों का कहना है कि बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही से संगमरमर को नुकसान हो सकता है. यही वजह है कि असली कब्रें साल में केवल उर्स के दौरान तीन दिनों के लिए ही खोली जाती है. जब सीमित लोगों को दर्शन की अनुमति मिलती है.
