विंध्य की महुआ मौहरी… जबरदस्त स्वाद, फूलों के पेस्ट और गेहूं के आटे से बनती है ये Recipe
Mahua Mauhari: विंध्य क्षेत्र का पारंपरिक खानपान आज भी अपनी देसी पहचान और पौष्टिकता के लिए जाना जाता है. गर्मी और बरसात के मौसम में ‘महुआ मौहरी’ खासतौर पर बनाई जाती है, जिसे स्वाद और सेहत दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है. सीधी की रसोइया प्रियंका सिंह के अनुसार, महुआ मौहरी सूखे महुआ के फूलों और गेहूं के आटे से तैयार की जाने वाली पारंपरिक मीठी पूड़ी है. महुआ के फूल मार्च-अप्रैल में पेड़ों पर खिलते हैं, जिन्हें सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसमें अलग से चीनी या गुड़ डालने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि महुआ में प्राकृतिक मिठास होती है. मौहरी बनाने के लिए महुआ के फूलों को साफ कर 5-6 घंटे पानी में भिगोया जाता है, फिर पीसकर पेस्ट बनाया जाता है. इस पेस्ट को आटे में मिलाकर लोई तैयार की जाती है और पूड़ी के आकार में बेलकर सरसों या अलसी के तेल में तला जाता है.
