Recipe : रोज की रोटी से हो गए बोर? घर पर बनाएं यह शाही मुगलई खमीरी रोटी, स्वाद में नंबर 1
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Tandood Banane Ka Tareeka: मुगलई खमीरी रोटी घर पर भी आसान. गेहूं का आटा, सूखा खमीर, दूध, सौंफ पाउडर से नरम आटा गूंथकर ओवन में बेक करें और घी के साथ गरम परोसें. अपनी मुलायम बनावट, हल्की टेक्सचर और सोंधी खुशबू के लिए मशहूर यह रोटी मुगलई खानपान का अहम हिस्सा रही है. अक्सर लोग इसे होटल या दावतों में ही खाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसे बिना तंदूर के बनाना मुश्किल है.
फूड एंड रेसिपी. अगर आप रोजाना की साधारण रोटी खाकर ऊब चुके हैं और कुछ शाही या अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो मुगलई खमीरी रोटी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. अपनी मुलायम बनावट, हल्की टेक्सचर और सोंधी खुशबू के लिए मशहूर यह रोटी मुगलई खानपान का अहम हिस्सा रही है. अक्सर लोग इसे होटल या दावतों में ही खाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसे बिना तंदूर के बनाना मुश्किल है. जबकि सच यह है कि इसे आप घर पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं.
जरूरी सामग्रियां
एक बेहतरीन खमीरी रोटी बनाने के लिए आपको कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होगी. गेहूं का आटा 2 कप, सूखा खमीर 1 छोटा चम्मच, चीनी 3 बड़े चम्मच, दूध आधा कप, सौंफ पाउडर 2 छोटे चम्मच, घी 2 चम्मच और नमक स्वादानुसार.
बनाने की विधि
सबसे पहले एक छोटे बाउल में गुनगुना पानी लें. इसमें सूखा यीस्ट और थोड़ी सी चीनी डालकर अच्छे से मिला लें. इसे करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. जब इसमें झाग बनने लगे, तो समझ जाएं कि खमीर एक्टिव हो चुका है. अब एक अलग बर्तन में आधा कप दूध और बची हुई चीनी को अच्छी तरह घोल लें.
इसके बाद एक बड़े बर्तन में आटा, नमक और सौंफ पाउडर को छान लें. अब इसमें तैयार किया हुआ यीस्ट और घी डालें. दूध वाले मिश्रण की मदद से एक नरम और लचीला आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा जितना मुलायम होगा, रोटी उतनी ही सॉफ्ट बनेगी.
आटे को गीले कपड़े से ढककर किसी गर्म जगह पर करीब 2 घंटे के लिए रख दें. इससे आटा फूलकर दोगुना हो जाएगा. अब फूले हुए आटे को हल्के हाथ से दबाकर उसकी हवा निकालें और छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इन्हें थोड़ा मोटा बेलें. ओवन को 180°C पर प्रीहीट करें और बेकिंग ट्रे में रखकर 15 से 20 मिनट तक सुनहरा होने तक बेक करें. चाहें तो इसे तेल में तल भी सकते हैं या तंदूरी तरीके से भी बना सकते हैं.
तैयार खमीरी रोटी पर गरम-गरम घी या मक्खन लगाएं और इसे अपनी पसंद की ग्रेवी वाली सब्जी या कोरमे के साथ परोसें.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें