कांस्टेबल भर्ती में CRPF के तत्कालीन DIG को 3 साल की जेल, 17 साल पुराने केस में लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने सुनाई सजा

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CRPF News : सीआरपीएफ से जुड़ी बड़ी खबर है. सीबीआई कोर्ट ने सीआरपीएफ के तत्कालीन डीआईजी समेत दो कर्मचारियों को सजा सुनाई है. इनकी पहचान सीआरपीएफ के तत्कालीन डीआईजी विनोद कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के कर्मचारी सत्यवीर सिंह और तीरथपाल चतुर्वेदी के रूप में हुई है. मामला सीआरपीएफ में कांस्टेबल भर्ती में भ्रष्टाचार से जुड़ा है. 23 फरवरी 2009 को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया था. जांच में साफ हुआ कि भर्ती से पहले ही बिचौलिए को तत्कालीन डीआईजी विनोद कुमार शर्मा ने अहम जानकारी दे दी थी.

कांस्टेबल भर्ती में CRPF के तत्कालीन DIG जाएंगे जेल, 17 साल पुराने केस में सजाZoom

सीबीआई कोर्ट ने 17 साल पुराने केस में आज सजा सुनाई. फोटो AI

लखनऊ. सीबीआई कोर्ट ने सीआरपीएफ के तत्कालीन डीआईजी समेत दो कर्मचारियों को सजा सुनाई है. इनकी पहचान सीआरपीएफ के तत्कालीन डीआईजी विनोद कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के कर्मचारी सत्यवीर सिंह और तीरथपाल चतुर्वेदी के रूप में हुई है. तीनों दोषियों को तीन-तीन साल कठोर कारावास की सजा दी गई है. तीनों दोषियों पर 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. मामला सीआरपीएफ में कांस्टेबल भर्ती में भ्रष्टाचार से जुड़ा है. 23 फरवरी 2009 को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया था. सीबीआई को अपने सूत्रों से विनोद कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ सीआरपीएफ सिपाही भर्ती में भ्रष्टाचार की जानकारी मिली थी. एजेंसी की जांच में साफ हुआ कि भर्ती से पहले ही बिचौलिए को तत्कालीन डीआईजी विनोद कुमार शर्मा ने अहम जानकारी दे दी थी.

पहले अपना ही कांस्टेबल पकड़ा
करीब 17 साल पुराने इस मामले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम ने लखनऊ के सीआरपीएफ दफ्तर पर छापा मारा था. छापे की जद में अफसरों के घर और गेस्ट हाउस भी थे. बिजनौर में सीआरपीएफ के जवानों की भर्ती में रिश्वत लेने का सुराग मिलने पर सीबीआई ने ये कार्रवाई की थी. इस छापेमारी के दौरान सीबीआई ने अपने ही एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया. लखनऊ के गोमती नगर इलाके में सीआरपीएफ कार्यालय पहुंची सीबीआई की टीम ने समूचे कैंपस को अपने कब्जे में ले लिया था. दिल्ली से आई इस 11 सदस्यीय टीम को सीआरपीएफ के लखनऊ हेडक्वार्टर में तैनात तत्कालीन डीआईजी विनोद शर्मा की तलाश थी.

जुड़ती गई कड़ी से कड़ी
सीबीआई को बिजनौर में हुई सीआरपीएफ जवानों की भर्ती में रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी. गिरफ्तार कांस्टेबल ने पूछताछ में बताया कि घूस की रकम उसे डीआईजी को सौंपनी थी. हालांकि तब रात भर चली कार्रवाई में वीके शर्मा टीम के हाथ नहीं लगे, लेकिन दोपहर बाद सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसी मामले में आज लखनऊ में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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