आलू नहीं! साउथ इंडिया में इन चीजों से बनते हैं सबसे टेस्टी चिप्स, जानिए क्या है इनकी खासियत, चाय के साथ परफेक्ट

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कसावा, कटहल और रतालू… इनसे बनते हैं सुपर क्रिस्पी स्नैक्स, जानिए इनकी रेसिपी

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दक्षिण भारत में चिप्स सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि परंपरा और स्वाद का अनोखा संगम हैं. नारियल तेल में तले जाने वाले ये चिप्स केले, कसावा, कटहल और शकरकंद जैसी चीजों से बनाए जाते हैं. अपनी खास खुशबू, कुरकुरेपन और मसालों के कारण ये चिप्स देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं.

दक्षिण भारत की खान-पान संस्कृति में चिप्स का एक विशेष और गौरवशाली स्थान है. यहां चिप्स केवल एक साधारण स्नैक नहीं, बल्कि एक पारंपरिक कला है, जिसे पीढ़ियों से सहेजकर रखा गया है. दक्षिण भारतीय चिप्स अपनी अद्भुत कुरकुराहट, शुद्ध मसालों और खासतौर पर नारियल तेल की सोंधी खुशबू के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं.

केरल में इसे उपेरी के नाम से जाना जाता है. इसे बनाने के लिए कच्चे नेनद्रन केले को छीलकर सीधे उबलते नारियल तेल में कद्दूकस किया जाता है. खास बात यह है कि तलते समय तेल में हल्दी और नमक का पानी डाला जाता है, जिससे हर चिप्स पर एक समान पीला रंग और नमकीन स्वाद चढ़ जाता है. ओणम जैसे त्योहारों पर बनने वाली सद्या थाली में इनका होना अनिवार्य होता है.

कसावा को उबालकर भी खाया जाता है, लेकिन चिप्स के रूप में यह सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इन्हें कप्पा वरुथथु भी कहा जाता है. इसकी खासियत यह है कि तलने के बाद भी ये लंबे समय तक अपनी क्रंच बनाए रखते हैं. इन्हें आमतौर पर दो तरह से बनाया जाता है पतले गोल स्लाइस और थोड़े मोटे लंबे टुकड़े. इसमें लाल मिर्च और कश्मीरी मिर्च का इस्तेमाल इसे गहरा लाल रंग और हल्का तीखापन देता है.

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यह दक्षिण भारत का एक प्रीमियम स्नैक माना जाता है, क्योंकि कच्चा कटहल साल भर उपलब्ध नहीं होता. इन्हें चक्का वरुथथु कहा जाता है. इसे तैयार करने की प्रक्रिया थोड़ी कठिन होती है, क्योंकि कटहल के गूदे से बीज निकालकर उन्हें एक-एक करके काटना पड़ता है. इनका टेक्सचर बहुत ही घना और कुरकुरा होता है. नारियल तेल के साथ इनका तालमेल इतना जबरदस्त होता है कि एक बार खाने के बाद आप रुक नहीं पाएंगे.

रतालू को अक्सर इसकी खुजली वाली प्रकृति के कारण छीलते समय सावधानी बरतनी पड़ती है. लेकिन जब इसे पतले चिप्स में बदलकर तला जाता है, तो यह स्वाद में किसी भी मांसाहारी कबाब को टक्कर दे सकता है. इन्हें चेना वरुथथु कहा जाता है. इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट और भरपूर करी पत्ता मिलाकर डीप फ्राई किया जाता है, जिससे यह बेहद खुशबूदार बन जाते हैं.

इन चिप्स को अक्सर कोंडट्टम शैली में भी बनाया जाता है, जहां पहले इन्हें नमक और छाछ में मैरीनेट करके धूप में सुखाया जाता है और फिर जरूरत पड़ने पर तला जाता है. ताजे करेले के चिप्स में बेसन और चावल के आटे का उपयोग किया जाता है, ताकि वे तेल कम सोखें और ज्यादा कुरकुरे बनें. यह दक्षिण भारत में चावल और सांभर के साथ साइड डिश के रूप में काफी लोकप्रिय हैं.

शकरकंद के चिप्स को अक्सर उपवास के दौरान भी खाया जाता है. इन्हें बनाने के लिए शकरकंद को बहुत पतला काटा जाता है, क्योंकि इनमें प्राकृतिक चीनी होती है जो तेज आंच पर जल्दी जल सकती है. इसलिए इन्हें धीमी आंच पर तला जाता है, ताकि इनका मीठापन बना रहे. ऊपर से काली मिर्च का छिड़काव किया जाता है, जो मीठे और तीखे स्वाद का बेहतरीन संतुलन बनाता है.

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