‘ऐसा कई बार हुआ’, नेपोटिज्म पर हीरोइन का बेबाक बयान, कहा- मुझे हटाकर फिल्मों में स्टारकिड्स को लिया गया
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बॉलीवुड एक्ट्रेस ने नेपोटिज्म की कड़वी सच्चाई पर बेबाकी से अपनी बात रखी है. उन्होंने खुलासा किया कि उनके करियर के शुरुआती दौर में कई बार उन्हें फिल्मों से सिर्फ इसलिए बाहर कर दिया गया ताकि किसी स्टार किड को मौका दिया जा सके. एक्ट्रेस का मानना है कि फिल्मी परिवार से होना इंडस्ट्री में एंट्री और शुरुआती अवसर तो दिला सकता है, लेकिन लंबी रेस का घोड़ा वही बनता है जिसमें हुनर हो. उनके अनुसार, आखिर में दर्शकों का प्यार और कलाकार की अपनी काबिलियत ही उसकी सफलता की असली पहचान तय करती है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर कई सितारे खुलकर बात कर चुके हैं. यह एक ऐसा मुद्दा है, जो अक्सर किसी ना किसी वजह से उठता रहता है. अब कृति सेनन ने माना कि उनके करियर में कई बार ऐसा हुआ, जब उन्हें हटाकर किसी स्टार किड को फिल्म में ले लिया गया. उनका कहना है कि नेपोटिज्म हर पेशे में है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में यह ज्यादा साफ नजर आता है.
कृति सेनन के मुताबिक, स्टार किड्स के लिए इंडस्ट्री के दरवाजे आसानी से खुल जाते हैं और उन्हें मौके भी जल्दी मिलते हैं, लेकिन आखिर में कलाकार का हुनर ही उसे आगे ले जाता है. उन्होंने एक दिलचस्प बात यह भी कही कि अगर कल को उनके बच्चे एक्टिंग में आना चाहें, तो उनके लिए भी चीजें आसान होंगी क्योंकि उनकी पहचान पहले से बनी हुई है. हालांकि, कृति ने साफ किया कि पहचान होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपको कामयाबी भी मिल ही जाएगी. (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
कृति सेनन के मुताबिक, स्टार किड्स के लिए इंडस्ट्री के दरवाजे आसानी से खुल जाते हैं और उन्हें मौके भी जल्दी मिलते हैं, लेकिन आखिर में कलाकार का हुनर ही उसे आगे ले जाता है. उन्होंने एक दिलचस्प बात यह भी कही कि अगर कल को उनके बच्चे एक्टिंग में आना चाहें, तो उनके लिए भी चीजें आसान होंगी क्योंकि उनकी पहचान पहले से बनी हुई है. हालांकि, कृति ने साफ किया कि पहचान होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपको कामयाबी भी मिल ही जाएगी. (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
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उन्होंने आगे बताया कि उनका इंडस्ट्री से कोई फिल्मी कनेक्शन नहीं था, इसलिए शुरुआत में मुंबई जैसे शहर में खुद को खोया हुआ महसूस करना लाजमी था. हालांकि, कृति ने आभार जताते हुए कहा कि मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि फिल्मी परिवार से न होने के बावजूद इंडस्ट्री ने मेरी पहली फिल्म से ही मेरा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया और मुझे अपनाया. (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
कृति ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘देखिए, नेपोटिज्म तो हर फील्ड में है, बस हमारी इंडस्ट्री में इसके बारे में बात करना थोड़ा आसान है. पर मुझे लगता है कि अगर आप वाकई मेहनत करते हैं, तो देर-सवेर मंजिल मिल ही जाती है. हां, जिन मौकों का आप बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उन्हें पाने में वक्त लग सकता है.’ (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
एक्ट्रेस ने कहा, ‘अगर आप टिके रहें तो सफलता जरूर कदम चूमती है. बस आपको अपने काम में माहिर होना पड़ेगा, खुद को बेहतर बनाना होगा और हार बिल्कुल नहीं माननी है. जब सवाल किया गया कि क्या वाकई उन्हें किसी फिल्म से हटाकर किसी स्टार किड को लिया गया था, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया, ‘ऐसा कई बार हुआ है. पर मेरा मानना है कि अगर स्टार किड नहीं होता, तो उसकी जगह कोई और होता. यहां कॉम्पिटिशन बहुत है और टैलेंटेड एक्टर्स की कोई कमी नहीं है.’ (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
कृति ने अपनी बात को समझाते हुए कहा, ‘अगर आप गौर से देखें, तो आज बॉलीवुड में ऐसे कई एक्टर्स हैं जिनका फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है, फिर भी वे शानदार काम कर रहे हैं. आखिर में आपका हुनर ही सबसे बड़ी पहचान होता है. मुझे लगता है कि नेपोटिज्म की बहस से अब लोग थोड़ा ऊब चुके हैं क्योंकि यह हर जगह मौजूद है.’ (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘कल को अगर मेरा बच्चा एक्टिंग में आना चाहे, तो जाहिर है उसके लिए रास्ते आसान होंगे क्योंकि वह इंडस्ट्री के लोगों को पहले से जानता होगा. लेकिन लंबी रेस का घोड़ा वही बनता है जिसमें काबिलियत होती है. आपको दो-तीन फिल्में या बड़े मौके आसानी से मिल सकते हैं, कई दरवाजे आपके लिए खुल सकते हैं, पर टिके रहने के लिए दर्शकों का दिल जीतना जरूरी है. आखिर में जनता ही तय करती है कि कौन सुपरस्टार बनेगा और कौन गुमनाम हो जाएगा.’ (फोटो साभार: Instagram@kritisanon)