इस महिला के दिमाग की दाद देनी पड़ेगी! एक ही खेत में लगा दी कई सब्जियां, अब कमा रही हैं तगड़ा मुनाफा
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड मुजेहना के ग्राम सभा पूरेनेवल की एक महिला किसान अपनी मेहनत और समझदारी से बहुफसली खेती कर अच्छी कमाई कर रही है. उन्होंने एक ही खेत में एक साथ कई तरह की फसलें उगाने का तरीका अपनाया है, जिससे लागत कम हो रही है और मुनाफा ज्यादा मिल रहा है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान महिला किसान रीता मौर्य का कहना है कि पहले वे केवल एक ही फसल उगाती थीं, जिससे खर्च ज्यादा और आमदनी सीमित रहती थी. लेकिन अब उन्होंने सब्जियां, अनाज और कुछ नकदी फसलें एक साथ लगाना शुरू किया है. इससे खेत का पूरा उपयोग हो रहा है और हर समय कुछ न कुछ उत्पादन मिलता रहता है.
कहां से मिला आइडिया
रीता मौर्य बताती हैं कि बहुफसली खेती का आइडिया उन्हें पानी संस्थान की ओर से मिला है. इसके अलावा उन्होंने यूट्यूब पर और कई किसानों को बहुफसली खेती करते देखी, तो सोचा कि क्यों ना बहुफसली खेती की जाए. पहले उन्होंने थोड़े जमीन में बहुफसली खेती की शुरुआत की. इससे उनको अच्छा फायदा मिला, तो अब वह इस टाइम लगभग आधा बीघा में बहुफसली खेती कर रही हैं.
एक खेत में कौन-कौन सी फसल लगाई
रीता मौर्य बताती हैं कि मैं एक ही खेत में कई फसल की खेती कर रही हूं, जैसे लहसुन, मिर्च, धनिया, पत्ता गोभी, अरबी घुइयां, लौकी और कद्दू. इस खेती को बहुफसली खेती कहते हैं. इस खेती में एक ही लागत में कई फसल तैयार हो जाती है. इसमें लागत कम लगती है और मुनाफा अधिक होता है.
रीता मौर्य बताती हैं कि जब तक हमारे लहसुन का हार्वेस्टिंग होगा, तब तक कद्दू तैयार हो जाएगा. हार्वेस्टिंग होने के बाद जो जगह बचेगा, उसमें कद्दू की लता फैल जाएगी और कद्दू भी तैयार हो जाएगा. उन्होंने बताया कि खेत के चारों तरफ मैं पत्ता गोभी लगा रखी हूं. बहुफसली खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही लागत में कई फसल तैयार हो जाती है. जैसे एक ही खेत में खाद देना, एक ही खेत में पानी देना, ऐसे ही सारे काम एक ही करने से सारे फसल को फायदा होता है.
महिला और किसानों के लिए क्या संदेश
रीता मौर्य बताती हैं कि महिलाओं को केवल चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं रहना चाहिए, उन्हें घर से बाहर निकलना चाहिए और जिस चीज में उनकी रुचि है, उसको करना चाहिए या उनके पास पर्याप्त खेत है, तो खेती जरूर करें, क्योंकि इस समय महिलाएं खेती कर सकती हैं. सारे काम कृषि यंत्र से हो जाते हैं. वहीं किसानों से कहना चाहती हैं कि यदि किसान भाई बहुफसली खेती करते हैं, तो उनकी लागत में कमी आएगी और मुनाफा अधिक होगा.