आलू नहीं, ₹15 में मिल रहा फिश समोसा, स्वाद ऐसा कि 2 घंटे में हो जाता है खत्म

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आलू नहीं, ₹15 में मिल रहा फिश समोसा, स्वाद ऐसा कि 2 घंटे में हो जाता है खत्म

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आज के दौर में जहां फास्ट फूड का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, वहीं पारंपरिक व्यंजनों में नए प्रयोग भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं. झारखंड के गुमला में ऐसा ही एक अनोखा प्रयोग देखने को मिल रहा है, जहां आलू की जगह मछली भरकर खास तरह का समोसा तैयार किया जा रहा है. कम कीमत और लाजवाब स्वाद के कारण यह फिश समोसा लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हो चुका है कि महज दो घंटे में ही सारा स्टॉक खत्म हो जाता है, जिससे इसकी बढ़ती मांग और क्रेज का अंदाजा लगाया जा सकता है. रिपोर्ट- अनंत कुमार

आज के आधुनिक युग में जहां फास्ट फूड का बोलबाला है. वहीं पारंपरिक समोसे ने अपनी जगह मजबूती से बरकरार रखी है. लेकिन अगर आप आलू वाले साधारण समोसे खाकर बोर हो गए हैं, तो झारखंड के गुमला जिले में एक ऐसी जगह है जो आपको बिल्कुल अलग स्वाद का अनुभव कराएगी.

जशपुर रोड स्थित मत्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय के समीप एक ऐसा स्टॉल लगता है, जहां आलू की जगह मछली भरकर समोसा तैयार किया जाता है. इस अनोखे समोसे का क्रेज इतना है कि महज दो घंटे के भीतर ही सैकड़ों समोसे बिक जाते हैं.

इस खास स्टॉल का संचालन मत्स्यिकी कॉलेज के छात्रों द्वारा किया जाता है. जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ ‘फिश प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी’ का व्यावहारिक ज्ञान भी ले रहे हैं. फिश प्रोसेसिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कस्तूरी चटोपाध्याय की विशेष निगरानी में इन समोसों को तैयार किया जाता है.

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उन्होंने बताया कि समोसे का बाहरी हिस्सा मैदा, अजवाइन, मंगरैला और घी के मिश्रण से पारंपरिक तरीके से ही बनाया जाता है, लेकिन असली जादू इसकी स्टफिंग (भरावन) में है. मछली वाला समोसा तैयार करना आलू के समोसे की तुलना में अधिक श्रमसाध्य है। इसके लिए सबसे पहले मछली को उबाला जाता है और बड़ी सावधानी से उसके कांटे निकाले जाते हैं.

डॉ. कस्तूरी के अनुसार, वे मुख्य रूप से ‘पंगास’ (Pangas) मछली का उपयोग करते हैं क्योंकि यह बाजार में किफायती पड़ती है. मछली के छोटे टुकड़ों को अदरक-लहसुन के पेस्ट, जीरा, गोलकी, गरम मसाला, बादाम और धनिया पत्ती के साथ भूनकर स्वादिष्ट मसाला तैयार किया जाता है. इसके बाद इसे मैदे की लोई में भरकर सरसों तेल में कुरकुरा होने तक तला जाता है.

स्वाद के शौकीनों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि यह स्टॉल प्रत्येक बुधवार को शाम 4 बजे से 6 बजे तक ही लगता है. पुदीना, धनिया और इमली की चटनी के साथ परोसे जाने वाले इस समोसे की कीमत मात्र ₹15 प्रति पीस रखी गई है.

इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि गुमला शहर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी लोग यहां खिंचे चले आते हैं. महज 120 मिनट के भीतर सारा स्टॉक ‘सफाचट’ हो जाना इसकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण है.

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