पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन! तेल की कमी नहीं और न अफवाह है सच्चाई, जनता पर भारी पड़ रहा तेल कंपनियों का एक फैसला
नई दिल्ली. इसमें कोई शक नहीं कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है. कच्चे तेल का रिजर्व भी कई दिनों की कमी पूरा कर सकता है. ऊपर से सरकार लगातार नए-नए सोर्स से तेल की खरीद भी कर रही है. फिर आखिर पेट्रोल पंप पर ये लंबी लाइनें क्यों दिख रहीं. सरकारी तंत्र का कहना है कि यह सब अफवाह की वजह से है. सरकार पर भरोसा करने वाले भी इसे सच मान रहे और विरोध करने वाले झूठ. लेकिन, यह दोनों ही बातें पूरी तरह निराधार हैं. न तो पेट्रोल पंप पर बढ़ती लाइनों के पीछे की वजह तेल की कमी है और न ही लोगों में फैलाई जा रही अफवाह. यह सारी समस्या सरकारी तेल कंपनियों के एक फैसले की वजह से पैदा हुई और कंपनियां इस पर खुलकर बोल भी नहीं रही हैं.
यूपी हो गुजरात, महाराष्ट्र या फिर तेलंगाना, हर राज्य से ऐसी खबरें और तस्वीरें सामने आ रही हैं जहां पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें दिख रही हैं. सोशल मीडिया पर अभी तक इसे अफवाह ही बताया जा रहा है और जमाखोरी की कोशिश कही जा रही, लेकिन एक बड़ी वजह सामने दिख रही है. मार्च के दूसरे पखवाड़े से ही सभी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को क्रेडिट पर सप्लाई करना बंद कर दिया है. यह जानकारी खुद पेट्रोल पंप एसोसिएशन दे रहे हैं. यही वजह है कि देश में तेल का भंडार होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर इसकी समस्या बढ़ती जा रही है.
तेल कंपनियों ने कैसे बढ़ाई समस्या
देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने देशभर के हजारों खुदरा पेट्रोल पंपों को क्रेडिट पर तेल देना बंद कर दिया है. कंपनियों ने दो टूक कह दिया है कि जितना पैसा आप पहले देंगे, उतने ही पेट्रोल और डीजल की सप्लाई की जाएगी. यह फैसला ईरान युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत को होने वाले क्रूड सप्लाई पर संकट बढ़ने की वजह से लिया गया है. हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने तो मार्च के दूसरे सप्ताह से ही एडवांस पेमेंट सिस्टम लागू कर दिया है.
गंभीर संकट पैदा कर सकता है फैसला
अभी जिस संकेत और बढ़ती लाइन को अफवाह कहकर सरकारी कंपनियां नकार रहीं हैं, वह असल में उनका ही फैलाया रायता है. अगर जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में कंपनियों का यह फैसला देश में गंभीर संकट पैदा कर सकता है. इन तीनों सरकारी कंपनियों के पास करीब 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं. देश के कई छोटे शहरों में अभी से ज्यादातर पेट्रोल पंप क्रेडिट की समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों को आसानी से तेल नहीं मिल पा रहा.
कंपनियों 2 तरह से देती हैं क्रेडिट
- ड्राफ्ट ऑन डिलीवरी : तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंपों को इस सुविधा के तहत क्रेडिट फैसिलिटी दी जाती है. इस सुविधा के तहत पेट्रोल पंप हर दिन के आखिर में तेल कंपनियों को भुगतान करते हैं.
- रिवॉल्विंग क्रेडिट : ज्यादातर पेट्रोल पंप इस तरह की क्रेडिट सुविधा का लाभ उठाते हैं. इसमें तेल कंपनियां पहले पेट्रोल और डीजल की सप्लाई कर देती हैं और फिर तीन से 5 दिन बेचने के बाद पेट्रोल पंपों को 6वें दिन भुगतान करने की छूट मिलती है. फिलहाल दोनों ही तरह की सुविधा को कंपनियों ने बंद कर रखा है.
छोटे शहरों में बड़ी हो रही समस्या
राजधानी दिल्ली के 400 से ज्यादा पेट्रोल पंपों की अगुवाई करने वाले दिल्ली पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के प्रवक्ता निशीत गोयल ने न्यूज18 को बताया कि तेल कंपनियां पहले क्रेडिट पर सप्लाई करती थीं, लेकिन जबसे ईरान संकट बढ़ा है उन्होंने एडवांस पेमेंट लेना शुरू कर दिया है. इससे बड़े शहरों में तो ज्यादा समस्या नहीं है, लेकिन छोटे शहरों दिक्कत बढ़ गई है. एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्छल सिंघानिया ने बताया कि कंपनियों ने क्रेडिट सुविधा को कई दिनों से बंद कर रखा है, जो हालिया संकट में बिलकुल नहीं करना चाहिए. इंडियन ऑयल तो 5 दिन की फैसिलिटी देना था, जो अब पूरी तरह बंद है. इससे दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में तो नहीं, लेकिन देश के तमाम छोटे शहरों में समस्या काफी बढ़ सकती है. आने वाले दिनों में कई अवकाश होंगे, जिससे बैंक बंद रहेंगे और इसका सीधा असर तेल कंपनियों को होने वाले भुगतान पर दिखेगा, जिससे पंप पर तेल की सप्लाई में और बाधा आ सकती है.
क्या कहते हैं अन्य राज्यों के संगठन
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, महाराष्ट्र पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय लोध का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों ने अब एडवांस पेमेंट लेना शुरू कर दिया है. उनका संगठन महाराष्ट्र में 4,500 पेट्रोल पंप की अगुवाई करता है और अब किसी भी पेट्रोल पंप पर यह सुविधा कंपनियों की ओर से नहीं दी जा रही है. तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष एम अमरेंद्र रेड्डी का कहना है कि अभी तक प्रदेश में तेल कंपनियों 2 दिन की क्रेडिट पर सप्लाई करती थीं, लेकिन अब उन्होंने यह सुविधा बंद कर दी है. तेलंगाना पेट्रोलियम टैंक ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष के राजशेखर रेड्डी का कहना है कि तेल कंपनियों के बाद डीलर भी उन्हें क्रेडिट की सुविधा देना बंद कर दिया है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है.
जमीन पर नहीं दिख रहा सरकारी आदेश का असर
तेल कंपनियों की इस मनमानी की जानकारी सरकार तक भी पहुंच चुकी है और सरकार की ओर से आदेश भी जारी किया जा चुका है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन में तेल कंपनियों को सीधा आदेश दिया है कि पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा को 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन कर दिया जाए. हालांकि, अभी इस आदेश का जमीन पर असर नहीं दिख रहा है. अगर जल्द ही इसे बहाल नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की समस्या गंभीर रूप धारण कर सकती है. एडवांस व्यवस्था के लिए तेल कंपनियों को बैंकों के जरिये ही भुगतान किया जाता है और ज्यादातर शहरों में यह काम डीलर बैंक जाकर ही करते हैं. ऐसे में आने वाले समय में जब छुट्टियां बढ़ जाएंगी तो यह समस्या और भी गंभीर रूप धारण कर सकती है.