नोएडा एक्सटेंशन की हिमालया प्राइड सोसायटी में 1 घंटे लिफ्ट फंसी, अंदर बंद थे छोटे बच्चे और महिलाएं

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नोएडा एक्सटेंशन की हिमालया प्राइड सोसाइटी में आज बच्चों की जान बाल-बाल बच गई. सोसायटी के A टावर में 5 में से केवल एक लिफ्ट चल रही है. 27 मार्च नवमी के दिन ये अचानक लिफ्ट बंद हो गई. अंदर छोटे-छोटे 10 बच्चे फंस जो कन्या पूजन के लिए जा रहे थे. एक घंटे तक फंसे रहने की वजह से इनकी तबियत बिगड़ गई. बच्चों के साथ एक महिला भी थीं, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी. इसके बाद AOA के सदस्य मौके पर पहुंचे और बच्चों को दिलासा दी. साथ ही मेंटेनेंस टीम से लोगों को बुलाकर लिफ्ट खुलवाई गई.

यह हाल तब है जब लिफ्ट की इन समस्याओं के बारे में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसएिशन AOA की टीम लगातार बिल्डर और मेंटेनेंस टीम से शिकायत कर रही है. एक हफ्ते पहले पुलिस को भी शिकायत दी गई थी. उस दिन भी बिसरख थाने में जाकर पुलिस को बताया गया था कि सोसायटी की लिफ्टों का मेंटेनेंस खराब है किसी भी समय हादसा हो सकता है, किसी की जान भी जा सकती है, मगर कोई एक्शन नहीं लिया गया. लिफ्ट में फंसे बच्चों के वीडियो कितने भयावह हैं ये आप नीचे देख सकते हैं.

हिमालय प्राइड सोसाइटी का संचालन करने वाले बिल्डर दिनेश शर्मा ने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में कहा कि-

लिफ्ट की AMC का पेमेंट बकाया है. करीब 25 लाख रुपए लिफ्ट का काम देखने वाली कंपनी फ्यूजीटेक को देने हैं. उन्होंने कहा कि सोसायटी में मेंटेनेंस को लेकर काफी दिक्कतें हैं. AOA से कहा गया है कि वो बकाया मेंटेनेंस सेटल करके सोसायटी का हेंडओवर ले लें. हमें IFMS के 4.5 करोड़ रुपए जमा करने हैं. सोसायटी में काम करने वाले गार्ड, सफाईकर्मियों की सैलरी भी बकाया है. ये हादसा दुखद है, मेरी कोशिश रहेगी कि ऐसा दोबारा न हो. मगर मेरी भी एक लिमिट है.

उधर, AOA के सदस्य अभिषेक कुमार का कहना है कि बिल्डर जानबूझकर सोसायटी का हैंडओवर देने में देरी कर रहा है. अभिषेक ने कहा-

सोसायटी का हैंडओवर लेने का एक प्रोसेस है. हम प्रोसेस फॉलो कर रहे हैं और बिल्डर की तरफ से हैंडओवर नहीं दिया जा रहा है. सबसे ज्यादा समस्या यहां लिफ्ट की है. इस सोसायटी में 4 टावर हैं. A, B, C, D. चारों ही टावरों की लिफ्ट काफी खराब हैं. अकेले A टावर में ही पांच में से सिर्फ एक लिफ्ट चलती है. हमने इसके बारे में 10 मार्च को निराला स्टेट पुलिस चौकी जाकर शिकायत दी थी. इसके बाद भी हल नहीं निकला तो 11 मार्च को बिसरख थाने में जाकर एप्लीकेशन दी गई. लेकिन बावजूद इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है.

लिफ्ट का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी फ्यूजीटेक कंपनी ने क्या किया?

AOA टीम का कहना है कि लिफ्ट मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को विद्युत सुरक्षा अधिकारी की तरफ से लिफ्ट ठीक करने के आदेश आ चुके हैं, लेकिन टीम का कोई भी व्यक्ति सोसायटी में नहीं आया. फ्यूजीटेक कंपनी को AOA टीम भी कई बार फोन पर बुला चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकला. New18 India की तरफ से भी फ्यूजीटेक के एक अधिकारी को फोन लगाया गया, मगर उन्होंने नहीं उठाया.

समस्या क्या है और अब तक क्या-क्या हुआ?

हिमालया प्राइड के कई लोगों से बात करने पर पता चला कि यहां AOA का गठन हो गया है लेकिन बिल्डर ने अभी तक हैंडओवर प्रोसेस नहीं किया है. लोगों का आरोप है कि सोसायटी में मेंटेनेंस का स्तर इतना गिर गया है कि हर टावर में सिर्फ एक-दो ही लिफ्ट चलती हैं. लिफ्ट में पंखे तक नहीं चलते. सोसायटी में डिलीवरी वाले भी आने से कतराने लगे हैं. कई बार बुजुर्गों ने इसकी शिकायत की है, मगर बिल्डर सुनने को राजी नहीं है. न ही पुलिस कोई एक्शन ले रही है. लोगों का कहना है कि शायद बिल्डर को किसी बड़े हादसे का इंतजार है.

यहां के लोगों से बात करने पर पता चला कि समस्या सिफ लिफ्ट तक सीमित नहीं है, बेसमेंट टूटा है. आए दिन पानी की पाइपलाइन फट जाती है. ग्राउंड में लगी लाइट्स टूट चुकी हैं और कई फ्लोर के कॉमन एरिया की लाइट्स खराब हो चुकी हैं. लोगों ने ये भी बताया कि मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ पैसे मांगे जाते हैं काम कोई नहीं होता. यहां के क्लब के सभी बाथरूम टूट चुके हैं. बच्चों के प्ले एरिया की लाइट्स खराब हैं. बिल्डर दिनेश शर्मा इस बारे में कहते हैं कि प्ले एरिया में झूले बदलवाए जा रहे हैं.

लिफ्ट को लेकर क्या-क्या हुआ?

10 मार्च, 2026: लिफ्ट को लेकर एक एप्लीकेशन निराला स्टेट पुलिस चौकी इंचार्ज को दी गई, इसमें AOA की ओर से कहा गया कि सोसायटी में लिफ्ट ठीक नहीं चल रही हैं, कोई भी हादसा हो सकता है. शिकायत में बताया गया कि फ्यूजीटेक कंपनी इसका मेंटेनेंस देखती है, लेकिन बिल्डर और कंपनी के बीच पेमेंट का कुछ विवाद है और कंपनी ने लिफ्ट का मेंटेनेंस बंद कर दिया है. सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षित नहीं है, लिफ्ट चलते में अटकती है. फ्लोर मिस कर देती है, अचानक गिर जाती है. इस एप्लीकेशन में कहा गया कि 07 मार्च को टावर ए की एक लिफ्ट फंस गई. लोग 30 मिनट तक बंद रहे. 08 मार्च को भी कई बार लोग लिफ्ट में फंसे रहे. पुलिस ने जांच का भरोसा दिया लेकिन कुछ ठीक नहीं हुआ.

11 मार्च, 2026: इसके बाद एक शिकायत 11 मार्च को बिसरख थाने में दी गई. बड़ी संख्या में सोसायटी के लोग थाने पहुंचे. वहां पुलिस को बताया गया कि हिमालया प्राइड सोसायटी में लिफ्ट लगातार अटक रही हैं. इसके साथ ही सिर्फ एक लिफ्ट चलाई जाती है. लोग सीढ़ियों से जाते है. कई बीमार लोग डॉक्टर तक नहीं पहुंच पा रहे. पुलिस ने इस मामले में जांच का भरोसा दिया, मगर फिर कुछ नहीं हुआ.

17 मार्च, 2026: इस दिन AOA की तरफ से विद्युत सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार को शिकायत दी गई. उन्होंने तुरंत एक जांच टीम हिमालया प्राइड सोसाइटी में भेजी. इस टीम को जांच में खामियां मिलीं, वाकई में लिफ्ट नहीं चल रही थीं और लिफ्ट में पंखे, अलार्म बटन तक काम नहीं कर रहे थे.

19 मार्च, 2026: AOA की तरफ से अध्यक्ष सीमा भंडारी की ओर से फिर एक लेटर बिल्डर, फ्यूजीटेक कंपनी को भेजा गया और विद्युत सुरक्षा अधिकारी की तरफ से कराई गई जांच का हवाला देकर, लिफ्ट को ठीक करने की मांग गई. हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी तरह का एक्शन नहीं लिया गया है. लिफ्ट में बचने पर पुलिस जरूर पहुंची, लेकिन समस्या अभी वैसी की वैसी ही है.

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