27 मार्च को जन्म लेने वाले बच्चे होंगे बेहद खास, इस नक्षत्र का रहेगा प्रभाव, जानें भविष्य

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Astrology: अयोध्या के ज्योतिषाचार्य के अनुसार 27 मार्च 2026 का दिन जन्म लेने वाले बच्चों के लिए अत्यंत शुभ है. चंद्रमा तुला राशि में रहेगा और स्वाति व पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव देखने को मिलेगा. स्वाति नक्षत्र में जन्मे बच्चे साहसी और आत्मविश्वासी होते हैं, जबकि पुनर्वसु नक्षत्र वाले शांत और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं. सुबह 7:42 से दोपहर 3:47 और शाम 6:05 के बाद का समय विशेष शुभ रहेगा.

अयोध्या: व्यक्ति के जीवन में ग्रह नक्षत्र का विशेष प्रभाव होता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव भी होता है. जिसका प्रभाव व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक की घटनाओं पर सकारात्मक और नकारात्मक तौर पर देखने को मिलता है. ऐसी स्थिति में वैदिक ज्योतिष के अनुसार 27 मार्च 2026 का दिन जन्म लेने वाले बच्चों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है. अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संतुलित और सकारात्मक प्रभाव देने वाली रहेगी. चंद्रमा तुला राशि में संचरण करेगा, जिससे इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों के स्वभाव, व्यक्तित्व और मानसिक विकास पर शुभ प्रभाव पड़ने की संभावना मानी जाती है. दिन के दौरान स्वाति नक्षत्र तथा बाद में पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. जो बच्चों के भविष्य को विशेष गुणों से प्रभावित कर सकता है.

स्वाति नक्षत्र का प्रभाव

स्वाति नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे सामान्यतः साहसी, आत्मविश्वासी और स्वतंत्र विचारों वाले माने जाते हैं. इनमें निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और ये अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं. ऐसे बच्चों में नेतृत्व क्षमता भी अच्छी होती है तथा वे परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम होते हैं. शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना अधिक रहती है. स्वाति नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों के नामकरण के लिए ‘रू’, ‘रे’, ‘रो’ और ‘ता’ अक्षर शुभ माने जाते हैं.

पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे शांत, सरल, संवेदनशील और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के हो सकते हैं.इनमें सकारात्मक सोच, धैर्य और परिवार के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है. ऐसे बच्चे कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रखने की क्षमता रखते हैं. पुनर्वसु नक्षत्र ज्ञान, संस्कार और पुनर्निर्माण का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों में सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता मजबूत होती है.

शुभ मुहूर्त

27 मार्च को सुबह 7:42 बजे से दोपहर 3:47 बजे तक तथा शाम 6:05 बजे से 28 मार्च की रात 12:59 बजे तक का समय शुभ माना गया है. इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों पर शुभ ग्रह प्रभाव अधिक माना जाता है

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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