China India Agni Missile News: भारत की ‘अग्नि’ मिसाइलों से खौफ में चीन, बचने के लिए रच रहा ‘हवाई चक्रव्यूह’
Agency:एजेंसियां
Last Updated:
ईरान और इजरायल के विनाशकारी युद्ध ने चीन की नींद उड़ा दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों के कहर से सबक लेते हुए, चीन अब भारत की ‘अग्नि’ और अमेरिका की घातक मिसाइलों से बचने के लिए एक नया एयर-बेस्ड इंटरसेप्टर सिस्टम बनाने जा रहा है, जो दुश्मन की मिसाइल को लॉन्च होते ही हवा में खाक कर देगा.

सांकेतिक तस्वीर एआई
ईरान युद्ध ने चीन को अपनी सैन्य रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने जिस तरह से इजरायल के मौजूदा मिडकोर्स और टर्मिनल-फेज डिफेंस सिस्टम को कड़ी चुनौती दी है, उससे ड्रैगन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. चीन की आर्मी मैगजीन डिफेंस रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका, भारत, ताइवान और जापान से बढ़ते मिसाइल खतरों को देखते हुए चीन अब एक ऐसा सिस्टम बनाने जा रहा है, जो दुश्मन की मिसाइल को उसकी सीमा में घुसने से पहले ही शुरुआती चरण में मार गिराए.
चीन की इस घबराहट के पीछे भारत और अमेरिका की बढ़ती सैन्य ताकत का सीधा खौफ है. रिपोर्ट में विशेष रूप से भारत की ‘अग्नि’ सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइलों का जिक्र किया गया है, जो सीधे बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख चीनी शहरों को राख में मिलाने की ताकत रखती हैं. इसके अलावा, फिलीपींस और जापान में तैनात अमेरिका के ‘टायफॉन’ मिसाइल सिस्टम, जापान के आगामी हाइपरसोनिक प्रोजेक्ट और ताइवान व दक्षिण कोरिया की लंबी दूरी की मिसाइलों ने चीन के तटीय इलाकों और सैन्य ठिकानों के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा पैदा कर दिया है.
आसमान में मार गिराने की चाहत
इस चौतरफा खतरे से निपटने के लिए चीनी सेना (PLA) ने एक बेहद आक्रामक और खौफनाक रणनीति सुझाई है. अब चीन अपनी सीमाओं के भीतर मिसाइल का इंतजार करने के बजाय, दुश्मन के इलाके के करीब ही अपने J-20 और J-35 जैसे खतरनाक स्टील्थ फाइटर जेट्स और लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन्स तैनात करने की योजना बना रहा है. ये लड़ाकू विमान हवा में घात लगाकर मंडराते रहेंगे और जैसे ही दुश्मन कोई बैलिस्टिक मिसाइल दागेगा, ये तुरंत उसे आसमान में ही नेस्तनाबूद कर देंगे.
लॉन्च होते ही मार गिराएगा
मिसाइल को लॉन्च होते ही बूस्ट फेज में नष्ट करने की इस रणनीति के दो सबसे बड़े फायदे हैं. पहला, लॉन्चिंग के तुरंत बाद बैलिस्टिक मिसाइल की रफ्तार धीमी होती है, वह अपनी दिशा नहीं बदल सकती और उसके इंजन से निकलने वाली इन्फ्रारेड सिग्नेचर यानी भयंकर गर्मी के कारण उसे ट्रैक करना बेहद आसान होता है. दूसरा और सबसे खतरनाक पहलू यह है कि अगर मिसाइल को उसी समय नष्ट कर दिया जाए, तो उसका सारा मलबा और घातक पेलोड सीधे दुश्मन के ही इलाके में गिरेगा, जिससे चीन को खरोंच तक नहीं आएगी और दुश्मन खुद अपने ही हथियारों की आग में जल जाएगा.
मिसाइल अपग्रेड करने की सलाह
इस महाविनाशक योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए चीनी विशेषज्ञ अपनी मौजूदा PL-15 लॉन्ग-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल को अपग्रेड करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि कम खर्च में एक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर तैयार किया जा सके. इसके साथ ही, विक्ट्री डे परेड में दिखाए गए विशाल ड्रोन्स की एक बड़ी फौज तैयार की जा रही है जो बिना रडार में आए दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखेगी. ताइवान पर कब्जे की जिद और अमेरिका-जापान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, चीन का यह नया ‘हवाई रक्षा तंत्र’ भविष्य के युद्धों को और भी ज्यादा आक्रामक बनाने का खुला ऐलान है.
About the Author
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें