एक नियम… जिसने बदल दी आईपीएल की परिभाषा, जानें टीमों को कैसे मिलता है इसका रणनीतिक फायदा, गेम-चेंजर साबित होगा 12वां खिलाड़ी

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एक नियम…जिसने बदल दी IPL की परिभाषा, जानें टीमों को कैसे मिलता है फायदा

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What is the Impact player rule: 28 मार्च से शुरू हो रहे आईपीएल के 19वें सीजन में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम का रोमांच जारी रहेगा. रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गजों के कड़े विरोध के बावजूद बीसीसीआई ने इसे 2027 तक बरकरार रखने का फैसला किया है. कप्तानों का मानना है कि यह नियम ऑलराउंडर्स के विकास में बाधक है, जबकि बोर्ड इसे मनोरंजन और हाई-स्कोरिंग मैचों के लिए जरूरी मान रहा है. इस विवादित नियम की अगली समीक्षा अब 2027 सीजन के बाद ही होगी.

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इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर अलग अलग धड़ों में बंटे खिलाड़ी.

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग के शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं. 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले उद्घाटन मुकाबले के साथ ही भारतीय क्रिकेट का यह महाकुंभ शुरू हो जाएगा. लेकिन इस सीजन के आगाज से पहले मैदान के बाहर एक नियम को लेकर बहस तेज हो गई है. वह नियम’इम्पैक्ट प्लेयर’ का है. भले ही अधिकांश कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी इस नियम के खिलाफ हों, लेकिन बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि यह नियम फिलहाल कहीं नहीं जा रहा है.

साल 2023 में लागू किया गया यह नियम आईपीएल के इतिहास के सबसे क्रांतिकारी (और विवादास्पद) बदलावों में से एक है. इसके तहत प्रत्येक टीम को मैच के दौरान किसी भी पारी में एक खिलाड़ी को स्थानापन्न (Substitute) करने की अनुमति मिलती है.अगर कोई टीम पहले गेंदबाजी कर रही है, तो वह दूसरी पारी में एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज को मैदान में उतार सकती है. अगर टीम का ऊपरी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर जाता है, तो कप्तान तुरंत एक अतिरिक्त बल्लेबाज को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में बुला सकता है.इसी तरह, पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम दूसरी पारी में एक अतिरिक्त गेंदबाज का उपयोग कर ‘डिफेंस’ को मजबूत कर सकती है.

इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर अलग अलग धड़ों में बंटे खिलाड़ी.

दिग्गज क्यों कर रहे इस नियम का विरोध
आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले 25 मार्च को बीसीसीआई हेडक्वार्टर्स में कप्तानों की एक औपचारिक बैठक हुई. रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से अधिकांश कप्तानों ने इस नियम को खत्म करने की पुरजोर वकालत की. पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या और दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने खुलकर कहा है कि यह नियम भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडर्स के विकास को रोक रहा है. जब टीमों के पास 12वें खिलाड़ी के रूप में विशेषज्ञ विकल्प होता है, तो वे पार्ट-टाइम गेंदबाजों या ऑलराउंडर्स पर भरोसा करना कम कर देती हैं.

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के भविष्य पर समीक्षा बैठक 2027 सीजन के बाद होगी
खिलाड़ियों का मानना है कि यह नियम खेल की पारंपरिक प्रकृति को बिगाड़ता है और रणनीतिक कौशल से ज्यादा ‘पावर-हिटिंग’ को बढ़ावा देता है. कप्तानों का मानना है कि 11 खिलाड़ियों का मुकाबला ही असली क्रिकेट है, 12 का नहीं. खिलाड़ियों और कप्तानों के कड़े विरोध के बावजूद, बीसीसीआई ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. बोर्ड के अनुसार, यह नियम 2025 से 2027 तक के चक्र के लिए प्रभावी रहेगा. इम्पैक्ट प्लेयर नियम के भविष्य पर अगली बड़ी समीक्षा बैठक 2027 सीजन के बाद होगी. उसी बैठक में तय किया जाएगा कि 2028 और उसके बाद के सीजन में इसे जारी रखना है या पुरानी ‘प्लेइंग इलेवन’ (11 खिलाड़ी) की परंपरा पर वापस लौटना है.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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