योगी सरकार का बड़ा फैसला, लखनऊ मंडल में बनेंगे 90 हेलिपैड, एयर कनेक्टिविटी होगी मजबूत
Last Updated:
Lucknow News: योगी सरकार लखनऊ मंडल में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. लखनऊ मंडल के तहसील और विकास खंड स्तर पर 90 हेलिपैड बनेंगे. इन हेलिपैड की मदद से विकास कार्यों की समीक्षा, मेडिकल इमरजेंसी और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी.

योगी सरकार लखनऊ मंडल में बनाएगी 90 हेलिपैड
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ सरकार ने लखनऊ मंडल में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है. मंडल के तहसील और विकास खंड मुख्यालयों पर कुल 90 हेलीपैड बनाने की योजना तैयार की गई है. इनमें से 80 स्थानों के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को हेलीपैड निर्माण योजना की समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने सभी जनपदों से इस प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. शेष बचे 10 स्थानों पर भी जल्द से जल्द उपयुक्त जमीन चयन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य मुख्य रूप से आपातकालीन सेवाओं, प्रशासनिक कामकाज और दूरस्थ इलाकों तक तेज पहुंच बनाने के लिए है. इससे मेडिकल इमरजेंसी, राहत कार्य और वीआईपी मूवमेंट में काफी आसानी होगी. लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से विकास कार्यों की निगरानी और तेजी से हो सकेगी.
दूरदर्शी योजना का हिस्सा
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित भूमि पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां पूरी की जाएं. साथ ही, जहां जमीन चयन बाकी है, वहां वैकल्पिक स्थल तलाशने पर जोर दिया गया. यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के विभिन्न मंडलों में हेलीपैड नेटवर्क को विस्तार दिया जा रहा है. लखनऊ मंडल में हेलीपैड बनने के बाद स्थानीय प्रशासन की पहुंच और प्रतिक्रिया समय में काफी सुधार आने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि चयनित स्थानों पर जल्द ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके.
About the Author
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें