बर्बादी के तानों से ‘मिशन इंडिया’ तक…पृथ्वी शॉ ने भरी हुंकार- किसी मेंटॉर की जरूरत नहीं, पहले से तीन गुना ज्यादा मेहनत कर रहा हूं
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Prithvi Shaw statement team india comeback: दिल्ली कैपिटल्स के स्टार बल्लेबाज पृथ्वी शॉ अब बदले हुए तेवर में नजर आ रहे हैं. टीम इंडिया में वापसी का संकल्प लेते हुए उन्होंने कहा कि अब वह पहले से तीन गुना ज्यादा पसीना बहा रहे हैं. शॉ का मानना है कि अभ्यास में 50 प्रतिशत देना बेकार है. या तो मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दो या फिर आओ ही मत. अपनी गलतियों को खुद स्वीकारते हुए उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका लक्ष्य अब सिर्फ और सिर्फ टीम इंडिया जर्सी पहना है.

पृथ्वी शॉ टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे हैं.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के ‘वंडर बॉय’ कहे जाने वाले पृथ्वी शॉ अब एक बदले हुए इंसान और खिलाड़ी नजर आ रहे हैं. दिल्ली कैपिटल्स के इस आक्रामक बल्लेबाज ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर न केवल चुप्पी तोड़ी है, बल्कि आलोचकों को अपने नए ‘वर्क एथिक्स’ से जवाब भी दिया है. शॉ का मानना है कि मैदान पर अब सिर्फ 100 प्रतिशत देना काफी नहीं है, बल्कि टीम इंडिया की जर्सी दोबारा हासिल करने के लिए उन्हें अपना सब कुछ झोंकना होगा.
अपनी वापसी के संघर्ष पर बात करते हुए पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने साफ कर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाना है. उन्होंने कहा,’मैं इसी के लिए खेल रहा हूं. इसमें कोई शक नहीं कि मुझे टीम इंडिया में वापसी करनी है और इसीलिए मैं इतनी कड़ी मेहनत कर रहा हूं. पहले मैं जितनी मेहनत करता था, आज उससे तीन गुना ज्यादा पसीना बहा रहा हूं. मुझे महसूस होता है कि मैं वापसी के लिए अपना 100 प्रतिश नहीं, बल्कि 200 प्रतिशत दे रहा हूं.’
पृथ्वी शॉ टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे हैं.
अनुशासन और अभ्यास का नया मंत्र
शॉ के खेल में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण उनकी सोच में आई परिपक्वता है. अभ्यास सत्रों को लेकर उनका नजरिया अब बेहद सख्त हो चुका है. उनका कहना है कि 50 प्रतिशत मेहनत के साथ अभ्यास करने का कोई फायदा नहीं है. पृथ्वी के शब्दों में, ‘अगर आप मैदान पर हैं, तो अपना पूरा 100 प्रतिशत दें, वरना मैदान पर आएं ही नहीं.’
‘किसी मेंटॉर की जरूरत नहीं’
मैदान के बाहर के विवादों और उतार-चढ़ाव भरे करियर पर पृथ्वी शॉ ने पहली बार इतनी बेबाकी से बात की. उन्होंने स्वीकार किया कि वक्त के साथ इंसान को अपनी गलतियां खुद समझनी पड़ती हैं. पृथ्वी ने कहा, ‘जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपको अपनी गलतियों का अहसास होता है. आपको यह बताने के लिए किसी सीनियर या मेंटॉर की जरूरत नहीं है जो आप पहले से जानते हैं. बेहतर यही है कि आप खुद उन चीजों को समय रहते समझें और आगे बढ़ें.’ दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल के इस सीजन में पृथ्वी शॉ का बल्ला न सिर्फ रन उगलने को बेताब है, बल्कि वह अपने व्यवहार और अनुशासन से चयनकर्ताओं का दरवाजा खटखटाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें