चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग पहल से सैकड़ो माता-पिता को मिली खुशी, फ्री में हो रहा इन बच्चों का इलाज
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत और अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से चित्रकूट में क्लब फुट से जूझ रहे बच्चों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है. इस पहल ने अब तक सैकड़ों परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी है.जो बच्चे कभी गोद में ही रहने को मजबूर थे,आज अपने पैरों पर खड़े होकर चलने लगे हैं.
चित्रकूटः हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा स्वस्थ और सामान्य जीवन जिए, लेकिन कुछ बच्चों के जन्म के साथ ही ऐसी चुनौतियां जुड़ जाती हैं, जो पूरे परिवार को चिंता और दर्द में डाल देती हैं. ऐसी ही एक जन्मजात बीमारी है क्लब फुट, जिसमें बच्चे के पैर टेढ़े होते हैं और वह सामान्य रूप से चल नहीं पाता. यदि समय रहते इलाज न हो तो यह समस्या स्थायी विकलांगता में बदल सकती है.
यूपी के चित्रकूट जिले से एक उम्मीद भरी तस्वीर सामने आई है. यहां जिला अस्पताल कर्वी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत और अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से क्लब फुट से जूझ रहे बच्चों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है. इस पहल ने सैकड़ों परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी है. जो बच्चे कभी गोद में ही रहने को मजबूर थे, आज अपने पैरों पर खड़े होकर चलने लगे हैं. वही डीएम ने ऐसे बच्चों और उनके परिजनों को बुलाकर सम्मानित किया गया है.
फ्री में बच्चों का किये हैं इलाज
वही अपने बच्चे का इलाज करवाने वाले शिव बाबू ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि उनके बच्चे को जन्म से ही चलने में दिक्कत थी,उन्होंने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके बच्चे का कई चरणों में सफल ऑपरेशन किया. खास बात यह रही कि इलाज पूरी तरह मुफ्त रहा. अब उनका बच्चा न केवल चल पा रहा है, बल्कि दौड़ने भी लगा है. उनका कहना है कि हमें लगा था कि हमारा बच्चा कभी चल नहीं पाएगा, लेकिन अब वह बिल्कुल सामान्य है, यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है.
वही भौंरी क्षेत्र से आई एक महिला ने लोकल 18 को बताया कि उनके बच्चे के पैर में जन्म के समय हल्का टेढ़ापन था, डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसका इलाज संभव है और वह भी बिना किसी खर्च के स्वास्थ्य विभाग की टीम से जुड़ने के बाद उनके बच्चे का सफल उपचार हुआ और आज वह बिना किसी परेशानी के चल रहा है. जानकारी के लिए बता दे कि ऐसे और भी कई माता-पिता है जिनके पास अपने बच्चों का इलाज करवाने के लिए पैसा नहीं था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की इस फाइल से आज उनके बच्चे दौड़ते नजर आ रहे हैं.
34 बच्चों का सफल ऑपरेशन
इस पूरे अभियान की निगरानी कर रहे आरबीएसके प्रभारी डॉ. पवन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि क्लब फुट का इलाज बचपन में ही संभव होता है, इसलिए समय पर पहचान बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 से अब तक 34 बच्चों का सफल इलाज किया जा चुका है. इसके लिए आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें इलाज से जोड़ा जा रहा है. इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो महंगे इलाज के कारण पहले असहाय महसूस करते थे. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि जिले के जिलाधिकारी ने इस सराहनीय कार्य के लिए डॉक्टरों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है. चित्रकूट की यह पहल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मिसाल बन रही है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें