काल सोमानी ने कहीं पैसों में आग तो नहीं लगा दी… सिर्फ 1 बार IPL चैंपियन राजस्थान रॉयल्स पर लुटाए 15000 करोड़ रुपये
Last Updated:
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की टीम को नया मालिक मिला. अमेरिका के उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व में एक समूह विजेता बनकर सामने आया है. इस समूह ने फ्रेंचाइजी का 100 प्रतिशत हिस्सा 1.63 बिलियन डॉलर (15,286 करोड़ रुपये) की कीमत पर खरीदा है. इस डील के बाद सवाल उठ रहे हैं कि सिर्फ एक बार खिताब जीतने वाली टीम पर इतना पैसा लगाना फायदेमंद होगा या नहीं.

15000 करोड़ रुपये में बिकी राजस्थान रॉयल्स.
नई दिल्ली. राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक की दौड़ खत्म हो गई है और अमेरिका के उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व में एक समूह विजेता बनकर सामने आया है. इस समूह ने फ्रेंचाइजी का 100 प्रतिशत हिस्सा 1.63 बिलियन डॉलर (15,286 करोड़ रुपये) की कीमत पर खरीदा है. सोमानी IntraEdge, Academian और Truyo.AI के संस्थापक हैं. इस डील के समय यह आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी डील थी, जिसे जल्द ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की बिक्री ने पीछे छोड़ दिया. ऐसे में सबके मन में सवाल यही है कि आखिर सिर्फ 1 बार ट्रॉफी जीतने वाली टीम पर पैसे लगाने क्या फायदेमंद होगा.
राजस्थान रॉयल्स की टीम का नाम आईपीएल इतिहास में दर्ज है. टूर्नामेंट को जब 2008 में शुरू किया गया था तो इसको सबसे पहले अपने नाम करने का कारनामा इसी टीम ने अंजाम दिया था. जितनी भी टीम इसे हासिल कर ले लेकिन पहली बार ट्रॉफी जीतने वाली टीम का रिकॉर्ड राजस्थान से कोई नहीं छीन सकता. तब से अब तक इस टीम ने 15 सीजन खेला है और इस दौरान दो साल के लिए टीम पर प्रतिबंध भी लगाया गया था.
16 साल में 1 ट्रॉफी और सिर्फ 2 फाइनल
राजस्थान रॉयल्स की टीम का इंडियन प्रीमियर लीग में रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा. पहली बार 2008 में टीम खिताब जीतने में कामयाब हुई. इसके बाद से अब तक प्रदर्शन औसत ही रहा है. ट्रॉफी जीतने के बाद अगले चार साल टीम प्लेऑफ तक में नहीं पहुंच पाई. 2013 में तीसरे स्थान पर रही जबकि 2015 में चौथे नंबर पर रही. 2016 और 2017 में टीम पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में 2 साल का प्रतिबंध लगाया. वापसी के बाद अगले 8 साल में टीम सिर्फ 3 बार प्लेऑफ में पहुंच पाई. 2022 में राजस्थान को फाइनल में गुजरात टाइटंस से हार का सामना करना पड़ा. पिछले सीजन इस टीम को 9वें नंबर पर रहना पड़ा.
बड़े खिलाड़ियों को छोड़ दिया
राजस्थान रॉयल्स अपने बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रखने में नाकाम रही है. टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन को मनाने में नाकाम रहा और चेन्नई सुपर किंग्स को ट्रेड कर दिया. बदले में रवींद्र जडेजा और सैम करन तो आए लेकिन संजू का जाना टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है. जब जोस बटलर जैसा विस्फोटक ओपनर फॉर्म में था तो उसे रिलीज कर दिया गया. युजवेंद्र चहल जैसे स्पिनर को भी टीम ने जाने दिया.
कम अनुभवी कप्तान, बड़े नामों की कमी
इस वक्त अगर राजस्थान रॉयल्स की टीम पर ध्यान दें तो कप्तानी की जिम्मेदारी रियान पराग को दी गई है. एक ऐसा खिलाड़ी जिसके पास सिर्फ 84 आईपीएल मैच खेलने का अनुभव है. उनके प्रदर्शन के बाद प्लेइंग इलेवन में जगह मुश्किल से बनती है. अब तक 26 की औसत से 1566 रन बनाए हैं. 84 मैच खेलने के बाद सिर्फ 7 अर्धशतक बनाए और विकेट भी 7 ही ले पाए हैं.
राजस्थान रॉयल्स की टीम: रवींद्र जडेजा, यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना माफाका, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, लुआन-ड्रे प्रेटोरियस, डोनोवन फेरेरा, संदीप शर्मा, युधवीर चरक
About the Author
15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें