₹13500 करोड़ में बिकी RR, खरीदने वाला देगा ₹14175, बेचने वाले को मिलेंगे सिर्फ ₹11000 करोड़, क्या है माजरा?

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आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स की मेगा डील ने स्पोर्ट्स बिजनेस की दुनिया में हलचल मचा दी है. 13500 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस डील में टीम नए कंसोर्टियम के हाथ में चली गई है. इस सौदे में सिर्फ खरीद कीमत ही नहीं, बल्कि हजारों करोड़ का टैक्स और फीस भी शामिल है. पुराने मालिक और नए खरीदार दोनों को बड़ा भुगतान करना होगा.

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₹13500 करोड़ में बिकी RR, लेकिन बेचने वाले को मिलेंगे बस ₹11000 करोड़Zoom

राजस्थान रॉयल्स को 2008 में 270 करोड़ रुपये में खरीदा गया था.

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग अब सिर्फ क्रिकेट का मंच नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स बिजनेस प्लेटफॉर्म में बदल चुका है. हर साल टीमों की वैल्यूएशन नई ऊंचाई छू रही है और इसी ट्रेंड के बीच राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) को लेकर एक बड़ी डील सामने आई है, जिसने पूरे बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है.

करीब 1.63 बिलियन डॉलर यानी 13500 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस डील में टीम अब नए कंसोर्टियम के हाथों में चली गई है. खास बात यह है कि जिस फ्रेंचाइजी को 2008 में बेहद कम कीमत पर खरीदा गया था, वही आज हजारों करोड़ में बिक रही है, जो आईपीएल की तेजी से बढ़ती ताकत और ग्लोबल आकर्षण को दिखाता है.

टैक्स और फीस का बड़ा गणित

इस डील का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसका टैक्स और फीस स्ट्रक्चर है. आईपीएल के नियमों के मुताबिक नए मालिक को कुल डील वैल्यू का 5 प्रतिशत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को ट्रांसफर फीस के रूप में देना होगा. इस हिसाब से करीब 675 करोड़ रुपये सिर्फ एंट्री फीस में जाएंगे. यह फीस मुख्य रकम के ऊपर से दी जाती है. यानी खरीदने वाले को 13500+675 करोड़ रुपये देने होंगे. इस तरह से उसकी कुल देनदारी 14175 करोड़ रुपये हो जाती है.

वहीं, पुराने मालिक मनोज बडाले (Manoj Badale) को अपने मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा. यह रकम करीब 2700 करोड़ रुपये तक हो सकती है, क्योंकि उन्होंने टीम बहुत कम कीमत पर खरीदी थी. चूंकि बडाले विदेशी नागरिक हैं, इसलिए नए खरीदार को भुगतान करते समय पहले टैक्स काटकर सरकार को देना होगा. इसे विदहोल्डिंग टैक्स कहा जाता है. इसके अलावा इस डील को पूरा करने के लिए आरबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों से मंजूरी लेना भी जरूरी होगा. यानी बडाले को के हाथ में 10,000 करोड़ के आसपास ही आएगा. हालांकि, इसके बावजूद वह बहुत ज्यादा प्रॉफिट में रहने वाले हैं.

2008 से शुरू हुई कहानी

राजस्थान रॉयल्स को साल 2008 में मनोज बडाले (Manoj Badale) ने करीब 67 मिलियन डॉलर यानी लगभग 270 करोड़ रुपये में खरीदा था. उस समय आईपीएल एक नया टूर्नामेंट था और किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इसकी वैल्यू इतनी तेजी से बढ़ेगी. करीब 18 साल बाद अब वही टीम हजारों करोड़ की वैल्यू पर बिक गई है. तब से अब तक टीम की वैल्यू में 2332 परसेंट या करीब 24 गुना का उछाल आया है. यह उछाल आईपीएल के ग्लोबल ब्रांड बनने और इसमें विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को साफ दिखाता है.

किसने खरीदी टीम

इस बार राजस्थान रॉयल्स को एक बड़े इंटरनेशनल कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसकी अगुवाई कल सोमानी (Kal Somani) कर रहे हैं. इस ग्रुप में रॉब वॉल्टन (Rob Walton) जैसे दिग्गज शामिल हैं, जो दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन में गिने जाते हैं. इसके अलावा शीला फोर्ड हैम्प (Sheila Ford Hamp) के नेतृत्व वाला हैम्प परिवार भी इसमें शामिल है, जिनके पास दशकों का स्पोर्ट्स मैनेजमेंट अनुभव है.

शिल्पा शेट्टी का भी रहा है नाता

इस कहानी में शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) का नाम भी जुड़ता है, हालांकि इस डील से उनका कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने और उनके पति राज कुंद्रा (Raj Kundra) ने 2009 में टीम में करीब 11.7 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी. उस समय यह निवेश करीब 15.4 मिलियन डॉलर का था. लेकिन 2013 के स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद हालात बदल गए. इस विवाद के चलते राजस्थान रॉयल्स को दो साल के लिए सस्पेंड भी किया गया था. इसके बाद 2015 में शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी और टीम से पूरी तरह अलग हो गए.

About the Author

Jai Thakur

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें

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