भारतीय कंपनी की Li-Fi तकनीक ने किया कमाल, रोशनी से चलेगा इंटरनेट
दिल्ली: एक समय भारत अनुसंधान एवं विकास (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) के क्षेत्र में अपेक्षाकृत पीछे माना जाता था, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं. देश में नवाचार और तकनीकी आविष्कारों के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है. इसी कड़ी में दिल्ली-एनसीआर की एक कंपनी ने वर्ष 2014 में ऐसी तकनीक विकसित की, जिसे बाद में दुनिया की कुछ ही कंपनियां अपना सकीं. हालांकि, इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बावजूद आज भी आम लोगों के बीच इस कंपनी की जानकारी सीमित है.
क्या है यह तकनीक
इस कंपनी का नाम वेलमेनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 2014 में दीपक सोलंकी ने की थी. दीपक सोलंकी के अनुसार, पारंपरिक रूप से इंटरनेट के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल और रेडियो वेव्स यानी वाई-फाई का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन उनकी विकसित तकनीक में रोशनी (लाइट) के माध्यम से डेटा ट्रांसफर किया जाता है. इस तकनीक को Li-Fi (लाइट फिडेलिटी) कहा जाता है.
कैसे करती है काम
Li-Fi तकनीक में एलईडी लाइट या लेजर बीम के जरिए डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है. उनका दावा है कि वर्ष 2014 में उनकी कंपनी इस तकनीक को विकसित करने वाली दुनिया की शुरुआती कंपनियों में शामिल थी. बाद में अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी इस दिशा में काम शुरू किया.
दीपक सोलंकी ने बताया कि उन्होंने एलपीयू, जालंधर से बी.टेक की पढ़ाई की है और इसके बाद आईआईआईटी-हैदराबाद से शोध कार्य किया. वेलमेनी की स्थापना से पहले उन्होंने फ्रांस और आईआईटी-बॉम्बे से जुड़े स्टार्टअप्स में भी काम किया है.
सस्ती, तेज और प्रभावी तकनीक
दीपक सोलंकी के अनुसार, जहां फाइबर इंटरनेट बिछाने में काफी अधिक लागत आती है, वहीं Li-Fi तकनीक अपेक्षाकृत सस्ती और टिकाऊ साबित हो सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज गति और उच्च क्षमता है. यह तकनीक 10 Gbps से अधिक स्पीड देने में सक्षम है, जो सामान्य वाई-फाई की तुलना में कई गुना तेज है.
यह तकनीक बेहद उपयोगी
इसके अलावा, यह तकनीक फ्री स्पेस ऑप्टिक्स के माध्यम से 1 से 25 किलोमीटर तक की दूरी पर भी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है. खासतौर पर उन क्षेत्रों में यह तकनीक बेहद उपयोगी हो सकती है, जहां फाइबर नेटवर्क बिछाना कठिन होता है.
इंटरनेट कनेक्टिविटी एक चुनौती
दीपक सोलंकी का मानना है कि यदि Li-Fi तकनीक को बड़े स्तर पर लागू किया जाए, तो यह इंटरनेट को और अधिक तेज, सुरक्षित और सुलभ बना सकती है. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में, जहां अभी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी एक चुनौती बनी हुई है, यह तकनीक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है. इस तरह Li-Fi भारत के डिजिटल भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखती है.