Parliament Session Live: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट भारत को मंजूर नहीं, राज्यसभा में बोले पीएम मोदी
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Parliament Session Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर अपना वक्तव्य दिया था. उन्होंने कहा कि इस संकट ने देश के सामने आप्रत्याशित चुनौती पेश की है. हम शांति चाहते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी रुकावट को नामंजूर करता है.

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी आज राज्यसभा में वक्तव्य देंगे. फोटो- पीटीआई
Parliament Session Live: पश्चिम एशिया संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राज्यसभा में बयान दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस संकट ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौती पैदा की है. ऐसे में भारत सरकार की कोशिश है कि देश में तेल और गैस की आपूर्ति सुचारू बनी रही. सरकार की कोशिश फर्टिलाइज की आपूर्ति बनाए रखने की है. पीएम ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ने एक मंत्री समूह का गठन किया है. ये समूह परिस्थियों पर नजर रखेगा. पीएम ने कहा कि जंग का प्रभाव कम हो इसके लिए कोशिश की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि किसानों पर इस संकट का कोई असर न पड़े. सरकार किसानों की हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है.
Parliament Session Live: सोमवार को लोकसभा में दिया था बयान
संकट केवल भारत में नहीं दुनिया में, पीएम के बयान पर बोले चिराग
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में दिए गए बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए विपक्ष को नसीहत दी है. चिराग पासवान ने कहा कि आज देश और दुनिया जिस संकटपूर्ण दौर से गुजर रही है, उसमें राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाना अनिवार्य है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों की तैयारियों और भविष्य की रणनीतियों को देश के सामने स्पष्टता से रखा है. पासवान के अनुसार, यह समय शिकायतों का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का हर विषय पर केवल आरोप लगाना और शिकायतें करना एक ‘गलत सोच’ को दर्शाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट केवल भारत पर नहीं बल्कि पूरे विश्व पर है.
‘पीएम से स्पष्टीकरण मांगने की अनुमति नहीं दी गई’
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें स्पष्टीकरण मांगने की अनुमति नहीं दी गई. जब भी प्रधानमंत्री या अन्य कोई नेता कोई बयान देते हैं तो हमें स्पष्टीकरण मांगने की अनुमति होती है. हमारा प्रश्न था कि यह सरकार इस युद्ध पर चुप क्यों है?. प्रधानमंत्री चुप थे, वे सिर्फ संकट पर बोले लेकिन यह संकट क्यों आया इसपर उन्होंने कुछ नहीं कहा. यह बयान तथ्यों की आंशिक स्थिति थी.
इससे पहले सोमवार को उन्होंने लोकसभा में इस मसले पर बयान दिया था. पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए सजग और तत्पर है. उन्होंने सदन में दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं हो तथा देश के नागरिकों को परेशानी नहीं हो. प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है. उन्होंने कहा कि हर संभव माध्यम से पेट्रोल और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भी प्रासंगिक हो गए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा हो गया है तथा सभी देशों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. ये (चुनौतियां) न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय भी हैं.
विपक्ष ने चर्चा की मांग की
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को दावा किया कि पीएम मोदी ने अपने वक्तव्य में कुछ नया नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया के मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को बताया है कि अभी हालात क्या हैं. इसमें कुछ नया नहीं था. उन्होंने कहा कि ऐसे में हमने चर्चा के लिए जो नोटिस दिया है, उस पर भी बात होनी चाहिए, ताकि सभी का पक्ष सामने आ सके.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें