Assam ULFA attack news | Assam Chunav | असम में चुनाव से पहले एक्टिव हुआ उल्फा, आरपीजी और ऑटोमेटिक हथियारों से सुरक्षाबलों पर किया हमला, चार जवान घायल
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Assam Ulfa Attack: असम के तिनसुकिया इलाके में ULFA-I ने सुरक्षाबलों के कैंप पर RPG और ऑटोमेटिक हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. करीब 45 मिनट तक चली मुठभेड़ में चार कमांडो घायल हो गए. इसके बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है.

उल्फा-आई ने सुरक्षाबलों पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है. (फाइल फोटो)
असम में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उल्फा-आई (Ulfa-Independent) एक बार फिर एक्टिव हो गया है. इस उग्रवादी संगठन ने रविवार तड़के करीब 2 बजे तिनसुकिया जिले के जगुन इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला बोल दिया. रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और स्वचालित हथियारों से किए गए इस हमले में चार पुलिस कमांडो घायल हो गए हैं.
यह हमला जगुन इलाके में शुरू हुआ, जो गुवाहाटी से करीब 550 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. उग्रवादियों ने कम से कम पांच आरपीजी दागे, जिनकी वजह से कई जोरदार विस्फोट हुए और पूरा इलाका रोशनी से भर गया. इसके बाद ऑटोमेटिक हथियारों से गोलीबारी शुरू हुई. कैंप के अंदर मौजूद कमांडोज ने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 45 मिनट तक चली इस मुठभेड़ के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले.
उल्फा के हमले में सुरक्षाबलों को कितना नुकसान?
घायल कमांडोज में चित्तरंजन मिली, देबाशीष बोरा, रबी गढ़ और जिम्बुश माराक शामिल हैं. सभी को दिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमले में कैंप के अंदर रखे हथियार भी विस्फोटों से क्षतिग्रस्त हो गए. जांच में मौके से दो खाली RPG शेल और एक अनएक्सप्लोडेड शेल बरामद हुआ है.
उल्फा-आई ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. संगठन के पब्लिसिटी विंग के सेल्फ-स्टाइल्ड मेजर निरनय असम ने संदेश जारी कर कहा कि यह ‘ऑपरेशन बुजोनी’ नाम से प्लान्ड मिलिट्री ऑपरेशन था. उन्होंने दावा किया कि यह हमला सुरक्षा बलों द्वारा हाल के वर्षों में उल्फा-आई के कई सदस्यों की हत्या का बदला है.
हाई अलर्ट पर पूरा इलाका
तिनसुकिया के एसएसपी मयंक कुमार ने बताया कि हमले के बाद जगुन-जैरामपुर कॉरिडोर पर बड़े पैमाने पर सर्च और कॉर्डन ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. पूरा इलाका हाई अलर्ट पर है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि उग्रवादी असम-अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर की ओर भाग सकते हैं, जो घटनास्थल से करीब 12 किमी दूर स्थित है.
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा, ‘यह हमला बेहद निंदनीय है. सेना और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. दोषियों को जरूर पकड़ा जाएगा.’ सीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह हमला अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है, जिससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. उल्फा-आई लंबे समय से असम में सक्रिय है. हाल के वर्षों में उसकी गतिविधियां कम हुई थीं, लेकिन चुनाव से पहले यह हमला संगठन की सक्रियता को फिर से उजागर करता है.
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे तिनसुकिया जिले में सघन छापेमारी कर रही हैं. उग्रवादियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. राज्य सरकार ने कहा है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें