Navratri के पांचवें दिन इन मंदिरों में करें मां स्कंदमाता की पूजा, चमत्कार, रहस्य और इतिहास का संगम हैं ये तीर्थस्थल

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Navratri के पांचवें दिन इन मंदिरों में करें स्कंदमाता की पूजा, जानें चमत्कार

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Chaitra Navratri 2026 Fifth Day Skandmata Puja: नवरात्र के पावन अवसर पर आज हम बात करेंगे मां स्कंदमाता की पूजा के महत्व की. हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित है कि नवरात्र के दौरान मां के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विशेष विधान है, जिनमें से एक हैं मां स्कंदमाता. भक्तों की आस्था है कि मां स्कंदमाता की सच्चे मन से की गई आराधना से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है. नवरात्रि के पांचवे दिन माता के इन मंदिरों की पूजा अर्चना जरूर करें.

Navratri के पांचवें दिन इन मंदिरों में करें स्कंदमाता की पूजा, जानें चमत्कारZoom

Chaitra Navratri 2026 Fifth Day Skandmata Puja: चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जिन्हें बुद्धि का विकास, सुख-शांति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को स्कंद माता की पूजा की जाती है. 23 मार्च को देशभर के विभिन्न मंदिरों और घरों में सुबह-शाम मां की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जहां भक्त दीप, धूप और फूलों के साथ मां के समक्ष अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं. माना जाता है कि जो साधक नियमपूर्वक मां स्कंदमाता की उपासना करता है, उसे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है और उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. देश के कई राज्यों में मां स्कंदमाता को समर्पित भव्य और प्राचीन मंदिर स्थापित हैं, जिनका ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व है. आज हम आपको देशभर के स्कंदमाता को समर्पित मंदिरों के बारे में बताएंगे.

शिव नगरी में बागेश्वरी देवी मंदिर
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जगतपुरा क्षेत्र मां स्कंदमाता को समर्पित है, जिसे बागेश्वरी देवी मंदिर के रूप में जाना जाता है. इस मंदिर का जिक्र हमारे पुराणों में भी मिलता है. मान्यता है कि मां ने इसी जगह पर राक्षस देवासुर का वध किया था और मां बागेश्वरी देवी के रूप में स्थापित हुई. नवरात्रि के पांचवे दिन मंदिर में भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

विदिशा में मां स्कंदमाता मंदिर
मध्यप्रदेश के विदिशा में भी मां स्कंदमाता को समर्पित मंदिर है, जहां मात्र दर्शन के साथ ही भक्तों के सारे दुख खत्म हो जाते हैं. विदिशा में पुराने बस स्टैंड के पास सांकल कुआं के पास मां स्कंदमाता का मंदिर है, जहां नवरात्रि में विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं. मंदिर में नवरात्रि में झांकी सजाई जाती है. खास बात यह है कि मंदिर में स्कंद माता की अखंड ज्योत भी जलती रहती है.

वडोदरा में मां स्कंदमाता का मंदिर
गुजरात के वडोदरा शहर में मां स्कंदमाता का प्राचीन मंदिर है, जिसका निर्माण 10वीं शताब्दी में किया गया था. यह मंदिर अपनी विशेष वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. मान्यता है कि मां के दर्शन करने से मन को शांति और घर में खुशहाली आती है. नवरात्रि में मां का विशेष शृंगार भी किया जाता है.

हिमाचल में स्कंदमाता मंदिर
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के चंबा में मां स्कंदमाता को समर्पित मंदिर है, जहां चैत्र नवरात्रि में विशेष भीड़ होती है. यह मंदिर लकड़ी की नक्काशी और मंदिर की संरचना के लिए भी प्रसिद्ध है. माना जाता है कि मां के दर्शन के साथ सारी परेशानियों का अंत हो जाता है. तमिलनाडु राज्य में मदुरै में भी मां स्कंदमाता को समर्पित मंदिर मौजूद है. माना जाता है कि मंदिर 7वीं शताब्दी में बना था. माना जाता है कि अगर मां की विधिवत पूजा की जाए, तो भक्त हर मुश्किल से निजात पा सकते हैं.

About the Author

Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



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